प्यार, धोखा और थप्पड़! जब शादीशुदा नाना पाटेकर के लिए पागल थीं मनीषा कोइराला, पर एक रात ने खत्म कर दी ये दर्दनाक प्रेम कहानी

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90 के दशक का वो दौर... जब बॉलीवुड पर एक नेपाली ब्यूटी, मनीषा कोइराला (Manisha Koirala) का राज चलता था। 'सौदागर', '1942: अ लव स्टोरी', 'बॉम्बे' और 'दिल से' जैसी फिल्मों से उन्होंने लाखों दिलों में अपनी जगह बना ली थी। लेकिन पर्दे पर जितनी सफल उनकी कहानी थी, असल जिंदगी में उनका दिल उतना ही टूटा और बिखरा हुआ था। और उनके इस टूटे दिल के पीछे की वजह थे अपने जमाने के सबसे दमदार और गुस्सैल अभिनेता, नाना पाटेकर (Nana Patekar)

यह कहानी है बॉलीवुड के एक ऐसे विवादास्पद और दर्द भरे रिश्ते की, जिसमें प्यार भी था, जुनून भी था, लेकिन अंजाम में सिर्फ धोखा, आंसू और एक सार्वजनिक तमाशा था। एक शादीशुदा आदमी के प्यार में पागल मनीषा की यह कहानी आज भी बॉलीवुड के गलियारों में एक सबक की तरह सुनाई जाती है।

 

'अग्निसाक्षी' के सेट पर लगी प्यार की 'आग'

नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के इस रिश्ते की शुरुआत 1996 में आई सुपरहिट फिल्म 'अग्निसाक्षी' (Agnisakshi) के सेट पर हुई थी। इस फिल्म में नाना ने मनीषा के गुस्सैल और हिंसक पति का किरदार निभाया था। कौन जानता था कि पर्दे का यह जुनून असल जिंदगी में भी प्यार का रूप ले लेगा। उस समय नाना पाटेकर अपने करियर के शिखर पर थे और मनीषा पहले से ही उनकी दमदार शख्सियत और बेबाक अंदाज की दीवानी थीं।

दोनों का रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ा और फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' (Khamoshi: The Musical) के सेट पर यह प्यार पूरी तरह से परवान चढ़ गया। मनीषा, नाना के प्यार में इस कदर डूब चुकी थीं कि उन्होंने उनके शादीशुदा होने की सच्चाई को भी नजरअंदाज कर दिया।

क्यों टूटा यह रिश्ता? (दो बड़ी वजहें)

दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे और उनके अफेयर की खबरें फिल्मी मैगजीन्स की सुर्खियां बनने लगी थीं। लेकिन यह रिश्ता कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाया, और इसका अंत बेहद कड़वाहट और दर्द के साथ हुआ। इसके पीछे दो मुख्य कारण थे:

1. नाना पाटेकर का शादी से इंकार:
नाना पाटेकर अपनी पत्नी नीलकांति पाटेकर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। वह मनीषा से प्यार तो करते थे, लेकिन अपनी पत्नी से भी उनका एक रिश्ता था, जिसे वह तोड़ना नहीं चाहते थे। मनीषा चाहती थीं कि नाना अपनी पत्नी को तलाक देकर उनसे शादी कर लें, लेकिन नाना इस बात पर हमेशा टाल-मटोल करते रहे, जिससे मनीषा को रिश्ते का कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा था।

2. वो 'एक रात' जिसने सब खत्म कर दिया:
इस रिश्ते के टूटने की सबसे बड़ी और तात्कालिक वजह बनी वो एक रात, जब मनीषा कोइराला ने नाना पाटेकर को एक और अभिनेत्री, आयेशा जुल्का (Ayesha Jhulka), के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था।

  • क्या हुआ था उस रात?: खबरों के मुताबिक, मनीषा ने  नाना पाटेकर और आयेशा जुल्का को एक ही कमरे में बेहद आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। यह देखकर मनीषा गुस्से से आग-बबूला हो गईं और उन्होंने आयेशा पर चिल्लाते हुए कहा - "तुमने मेरे आदमी पर डोरे डाले!"
  • नाना का थप्पड़?: इस पर नाना पाटेकर ने मनीषा को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि नाना ने मनीषा पर हाथ तक उठा दिया था।

 

रिश्ते का दर्दनाक अंत

यह घटना मनीषा के लिए आखिरी तिनका साबित हुई। उन्होंने महसूस किया कि जिस आदमी के लिए उन्होंने दुनिया की परवाह नहीं की, वह उन्हें ही धोखा दे रहा है। इस घटना के बाद, मनीषा कोइराला नाना पाटेकर से हमेशा-हमेशा के लिए अपने सारे रिश्ते तोड़ लिए। नाना पाटेकर ने बाद में अपने इंटरव्यू में यह स्वीकार भी किया था कि वह मनीषा को बहुत मिस करते हैं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इस टूटे रिश्ते का मनीषा की जिंदगी पर बहुत गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ा। वह शराब और डिप्रेशन के अंधेरे में डूब गईं, और उनका चमकता हुआ फिल्मी करियर धीरे-धीरे ढलान पर आ गया। हालांकि, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर मनीषा ने एक बार फिर अपनी जिंदगी में एक मजबूत वापसी की है। आज वह एक प्रेरणा हैं, लेकिन नाना पाटेकर के साथ उनकी यह अधूरी और दर्दनाक प्रेम कहानी आज भी एक सबक की तरह की जाती है, जो दिखाती है कि कैसे प्यार का गलत चुनाव आपकी पूरी दुनिया उजाड़ सकता है।

 

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