वीआईपी ट्रीटमेंट का 'द एंड': 6 महीने से फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर घूम रहा शातिर ठग काबू, बस एक गलती से खुली पोल
पंजाब में कानून की आंखों में धूल झोंककर पिछले 6 महीने से सरकारी सुविधाओं का मुफ्त मजा ले रहे एक फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर जालसाज खुद को विजिलेंस ब्यूरो का बड़ा अफसर बताकर न सिर्फ पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की बसों में मुफ्त सफर कर रहा था, बल्कि टोल प्लाजा और सार्वजनिक जगहों पर वीआईपी ट्रीटमेंट का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन कहते हैं न कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन कानून के शिकंजे में आ ही जाता है। इस बार भी एक छोटी सी चूक ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।
ऐसे हुआ शक और खुली फर्जी अफसर की पोल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह फर्जी इंस्पेक्टर पिछले लंबे समय से अलग-अलग रूट की सरकारी और निजी बसों में विजिलेंस का रौब दिखाकर बिना टिकट यात्रा कर रहा था। बीते दिन जब यह एक बस में सवार हुआ, तो सफर के दौरान बस के कंडक्टर को उसके हाव-भाव और बातचीत के तरीके पर कुछ शक हुआ। कंडक्टर ने जब उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने को कहा, तो वह हड़बड़ा गया और टालमटोल करने लगा। आरोपी की घबराहट देखकर कंडक्टर का शक यकीन में बदल गया, जिसके बाद तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए नजदीकी पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस की मुस्तैदी और रंगे हाथों गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही लोकल पुलिस की टीम ने तुरंत नाकाबंदी की और बस के पहुंचते ही संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। पुलिस स्टेशन लाकर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई और उसके दस्तावेजों की जांच की गई, तो वह कोई भी वैध सरकारी पहचान पत्र पेश नहीं कर पाया। पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने कबूल कर लिया कि वह कोई असली विजिलेंस अधिकारी नहीं है, बल्कि सिर्फ मुफ्त सफर, वीआईपी ट्रीटमेंट और लोगों पर रौब झाड़ने के लिए फर्जी इंस्पेक्टर बना हुआ था।
छह महीने से दे रहा था सिस्टम को चकमा
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले छह महीने से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। वह न केवल बसों में मुफ्त घूमता था, बल्कि कई जगहों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने का काम भी करता था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उसने इस फर्जी पहचान के दम पर किसी से मोटी रकम की ठगी या जबरन वसूली भी की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारी का फर्जी रूप धारण करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।