पंजाब के अमृतसर में ताबड़तोड़ फायरिंग: आप सरपंच के बेटे की गोलियों से भूनकर हत्या
पंजाब के अमृतसर (Amritsar) जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देती एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक वारदात सामने आई है। अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत चाटीविंड पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले चीते कलां गांव में आम आदमी पार्टी (AAP) के मौजूदा सरपंच के बेटे की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान तीरथ सिंह के रूप में हुई है, जो खुद आप नेता और ब्लॉक समिति सदस्य कारज सिंह का सगा भाई था। हमलावरों ने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया जब तीरथ सिंह अपने दोस्त के साथ गांव के गुरुद्वारे में माथा टेककर बाहर निकल रहे थे। अचानक हुए इस भीषण हमले में करीब 7 से 8 राउंड अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं, जिसमें तीरथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त है।
#1 गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही बिछाया मौत का जाल, 7 से 8 राउंड अंधाधुंध फायरिंग से दहला इलाका
घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार की रात तीरथ सिंह अपने साथी रंजीत सिंह के साथ गांव के स्थानीय गुरुघर (गुरुद्वारे) में अरदास करने गए थे। जैसे ही दोनों माथा टेकने के बाद बाहर निकले, वहां पहले से घात लगाकर छिपे हथियाबंद हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने कोई संभलने का मौका दिए बिना ताबड़तोड़ 7 से 8 राउंड गोलियां बरसा दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका कांप उठा। सीने और शरीर के ऊपरी हिस्सों में कई गोलियां लगने के कारण तीरथ सिंह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जबकि उनके दोस्त रंजीत सिंह को भी गोलियां लगीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग और श्रद्धालु तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों को आनन-फानन में पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने तीरथ सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनके घायल दोस्त का इलाज जारी है।
#1 ब्लॉक समिति सदस्य भाई कारज सिंह का बयान: रंजिश और चुनावी बदले की आशंका
मृतक तीरथ सिंह के भाई कारज सिंह, जो स्वयं आम आदमी पार्टी के ब्लॉक समिति सदस्य हैं, ने पुलिस को दिए अपने बयान में इस हत्याकांड के पीछे पुरानी गांव की रंजिश और हाल ही में हुए पंचायत चुनावों का विवाद बताया है। कारज सिंह के अनुसार, उनके परिवार ने हाल ही में आप (AAP) के चुनाव चिन्ह पर सरपंच चुनाव जीता था, जिसके बाद से गांव के ही एक विरोधी गुट के लोग उनसे द्वेष रख रहे थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि राजनीतिक वर्चस्व और पुरानी रंजिश के चलते ही इस जघन्य हत्याकांड को सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर गांव के ही चार नामजद आरोपियों—गुरदित सिंह, गुरजंत सिंह, हरकीरत सिंह उर्फ हॉकी और गोरा के खिलाफ हत्या (IPC/BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
#1 चार नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज, पुलिस की कई टीमें दे रहीं दबिश
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और इलाके में नाकेबंदी कर दी। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटना स्थल से गोलियों के खोखे और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में मामला पुरानी व्यक्तिगत और पारिवारिक रंजिश से जुड़ा नजर आ रहा है, हालांकि अन्य सभी कोणों से भी जांच की जा रही है। वारदात के बाद से ही चारों नामजद आरोपी अपने घरों से फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
#1 पंजाब में कानून-व्यवस्था पर विपक्ष का हमला: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
आप सरपंच के बेटे की इस तरह दिनदहाड़े और सार्वजनिक स्थान के बाहर हुई नृशंस हत्या ने पंजाब की राजनीति में भी गर्माहट पैदा कर दी है। विपक्षी दलों (बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल) ने इस घटना को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब सत्ताधारी दल के सरपंच और नेताओं के परिजन ही राज्य में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा। पंजाब में लगातार बढ़ रही गोलीबारी और गैंगवार जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए विपक्ष ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल, पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।