क्या चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का राजस्थान में भी दिखेगा असर
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के बाद सक्रिय हो रहे नए मौसमी तंत्र और संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने पूरे देश के मौसम वैज्ञानिकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जहां एक ओर देश के पूर्वी और तटीय राज्यों में इस तूफान का भयानक असर देखने को मिल रहा है, वहीं अब पश्चिमी भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के लोगों के मन में भी यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या इस चक्रवात की तपिश और आंधी-बारिश का असर मरुधरा तक पहुंचेगा? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Jaipur) ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर 29 और 30 अक्टूबर के लिए एक विशेष और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी किया है। जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी इस नई चेतावनी में राजस्थान के मौसम में आने वाले अचानक बदलावों, तापमान में गिरावट, तेज ठंडी हवाओं और राज्य के पूर्वी तथा दक्षिणी इलाकों पर पड़ने वाले आंशिक प्रभावों की पूरी तस्वीर साफ कर दी गई है। आइए जानते हैं कि अगले 48 घंटों के दौरान राजस्थान के किन जिलों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है और आम जनता तथा किसानों को किस प्रकार की सावधानियां बरतने की जरूरत है।
#1 क्या चक्रवाती तूफान अर्नब का असर राजस्थान तक पहुंचेगा? जानिए मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' की मुख्य दिशा देश के पूर्वी और मध्य राज्यों की तरफ बनी हुई है। हालांकि, इस शक्तिशाली सिस्टम के कारण वातावरण में नमी की भारी मात्रा का प्रवाह मध्य भारत के रास्ते राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी-पूर्वी सीमावर्ती जिलों तक पहुंचने की प्रबल संभावना बन रही है। जयपुर मौसम केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को चक्रवात का सीधा और सीधा तांडव तो राजस्थान में नहीं दिखेगा, लेकिन इसके परोक्ष (Indirect Effect) प्रभाव के कारण राज्य के कम से कम एक दर्जन जिलों में आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। हवा में नमी बढ़ने के कारण दिन के तापमान में गिरावट आएगी और कई इलाकों में अचानक तेज ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे हल्की बूंदाबांदी की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
#1 29 और 30 अक्टूबर को इन जिलों में बदलेगा मौसम, आंधी और ठंडी हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर के दौरान राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से के जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। उदयपुर, कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां, बूंदी और भीलवाड़ा जिलों में बादलों की सघनता बढ़ने का अनुमान जताया गया है। इन इलाकों में उत्तर-पूर्वी दिशा से आने वाली हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भी सुबह के समय धुंध और हल्के बादलों की परत छाई रह सकती है। हालांकि, थार के रेगिस्तानी अंचल यानी जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर में चक्रवात का असर बेहद नगण्य रहेगा और वहां आसमान मुख्यतः साफ रहने का पूर्वानुमान है।
#1 तापमान में आएगी भारी गिरावट, राजस्थान में अचानक बढ़ेगी गुलाबी ठंड की ठिठुरन
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से एक तरफ जहां नमी वाली हवाएं चलेंगी, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही हल्की बर्फबारी और हवाओं का रुख बदलने से राजस्थान के न्यूनतम तापमान (Night Temperature) में अचानक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। 29 और 30 अक्टूबर के बाद से राज्य में 'गुलाबी ठंड' की जगह कंपकंपी वाली सर्दी का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। जयपुर, सीकर, चुरु, पिलानी और माउंट आबू जैसे स्थानों पर रात का पारा 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा में नमी और घटते तापमान के कारण आने वाले दिनों में अलसुबह घना कोहरा (Fog) भी देखने को मिल सकता है।
#1 किसानों के लिए एडवाइजरी जारी: रबी फसलों की बुवाई और कटी फसल की सुरक्षा पर दें ध्यान
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव और चक्रवात के कारण बनने वाली नमी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने राजस्थान के किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि-परामर्श जारी किया है। इस समय प्रदेश में रबी फसलों की बुवाई (गेहूं, सरसों, चना और जौ) का काम जोरों पर चल रहा है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में मूंगफली, सोयाबीन या कपास की फसल की कटाई हो चुकी है, उन्हें खुले आसमान के नीचे रखने के बजाय तुरंत सुरक्षित ढके हुए स्थानों या गोदामों में पहुंचाएं। अचानक होने वाली स्थानीय बूंदाबांदी या ओस के जमाव से कटी हुई फसल के खराब होने का खतरा रहता है। साथ ही सरसों और चने की बुवाई कर रहे किसानों को मिट्टी की नमी के स्तर को ध्यान में रखकर ही बीज डालने की सलाह दी गई है।
#1 आने वाले दिनों में कैसा रहेगा पूरे राजस्थान का वेदर?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 31 अक्टूबर के बाद चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर पड़ना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह से शुष्क और साफ हो जाएगा। हालांकि, चक्रवात के जाते ही उत्तरी हवाओं की रफ्तार तेज होगी, जिससे नवंबर की शुरुआत के साथ ही पूरे राज्य में कड़ाके की ठंड का असर शुरू हो जाएगा। जयपुर मौसम केंद्र ने आम जनता से अपील की है कि वे दिन और रात के तापमान में आ रहे इस अचानक उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपनी सेहत का ध्यान रखें और सुबह-शाम के समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर दें।