पंजाब: ASI की निर्मम हत्या के बाद पंजाब पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी

पंजाब: ASI की निर्मम हत्या के बाद पंजाब पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी

देशभर में कानून-व्यवस्था की रक्षा करने वाले खाकी वर्दीधारी सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा पर उस समय गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए जब पंजाब से एक बेहद दहला देने वाली घटना सामने आई। पंजाब के अमृतसर में हाल ही में एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) की सरेआम हुई निर्मम हत्या ने पूरे पुलिस विभाग और प्रशासनिक अमले को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पंजाब पुलिस मुख्यालय की नींद उड़ गई है और पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक बेहद कड़ा और एहतियाती कदम उठाया गया है। राज्य के पुलिस प्रशासन ने एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए सभी पुलिसकर्मियों को यह निर्देश दिया है कि वे ड्यूटी पर आते-जाते समय या अपने निजी आवागमन के दौरान पुलिस यूनिफॉर्म (वर्दी) पहनने से बचें। असामाजिक तत्वों और गैंगस्टरों के निशाने पर आ रहे सुरक्षाकर्मियों की जान बचाने के लिए उठाए गए इस कदम के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आइए इस हाई-प्रोफाइल मामले और नई सुरक्षा एडवाइजरी के हर पहलू की गहराई से पड़ताल करते हैं।

इस पूरी सुरक्षा एडवाइजरी के जारी होने के पीछे अमृतसर में घटी वह खौफनाक वारदात है जिसने पूरे पंजाब को दहला दिया था। डयूटी समाप्त होने के बाद या डयूटी पर आते वक्त जब एक समर्पित ASI अपनी निजी दिनचर्या में थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया और बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद जब शुरुआती जांच के तार खंगाले गए, तो यह बात सामने आई कि हमलावरों ने उनकी पुलिस पहचान और यूनिफॉर्म के आधार पर उन्हें निशाना बनाया था। एक पुलिसकर्मी की इस तरह सरेआम हत्या हो जाना न केवल राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती है, बल्कि यह विभाग के भीतर काम करने वाले हर एक सिपाही और अधिकारी की सुरक्षा पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। इसी गंभीर खतरे को भांपते हुए पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए एसओपी (SOP) में तुरंत बदलाव करने का फैसला किया।

जारी की गई नई सुरक्षा गाइडलाइंस और एडवाइजरी के मुताबिक, अब पंजाब के सभी जिलों, थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जब भी अपने घर से ड्यूटी पर आएं या फिर ड्यूटी खत्म करके वापस अपने घर लौटें, तो वे पुलिस यूनिफॉर्म पहनने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान यानी पुलिस स्टेशन या फील्ड में तैनात रहते हुए वर्दी पहनना अनिवार्य रहेगा, लेकिन सार्वजनिक परिवहन, निजी वाहनों या पैदल रास्तों पर सफर करते वक्त अपनी पहचान छुपाकर रखना ही बुद्धिमानी होगी। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अपराधियों, आतंकवादियों या गैंगस्टरों के रडार से पुलिसकर्मियों को बचाना है ताकि वे आसानी से किसी साजिश का शिकार न बन सकें। विभाग की तरफ से सभी यूनिट हेड को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के लिए कहें।

पिछले कुछ वर्षों में पंजाब की धरती पर गैंगस्टरों, तस्करों और असामाजिक तत्वों का नेटवर्क तेजी से फैला है, जो कानून के रखवालों पर हमला करने से भी नहीं हिचकिचाते। पुलिस बलों और अपराधियों के बीच होने वाली भिड़ंत में कई बार अपराधी पुलिसकर्मियों को निजी रंजिश या अपनी दहशत फैलाने के लिए निशाना बना लेते हैं। जब पुलिसकर्मी बिना किसी सुरक्षा के सामान्य वर्दी में अकेले सफर करते हैं, तो वे आसान टारगेट बन जाते हैं। इस नई एडवाइजरी से यह बात साफ हो जाती है कि राज्य में अब पुलिसकर्मियों की अपनी आंतरिक सुरक्षा भी एक बड़ा संकट बन चुकी है। जानकारों का मानना है कि केवल यूनिफॉर्म बदलने से ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि खुफिया तंत्र (Intelligence Network) को और अधिक मजबूत करके इन अपराधियों को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा ताकि खाकी पहनने वाला हर सिपाही खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

इस घटना के सामने आने और नए निर्देश जारी होने के बाद पुलिसकर्मियों के परिवारों के भीतर भी गहरी चिंता का माहौल बन गया है। जो परिवार अपने घर के सदस्य को देश और समाज की सेवा के लिए रोज सुबह वर्दी पहनाकर भेजते थे, वे अब उनकी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। विपक्षी दलों और पुलिस यूनियंस ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि राज्य में खाकी वर्दी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। पुलिस प्रशासन के सामने अब यह एक बहुत बड़ी चुनौती है कि वे अपने बल का मनोबल गिरने न दें और साथ ही उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। आने वाले समय में यह देखना बेहद अहम होगा कि क्या यह नई एडवाइजरी पुलिसकर्मियों की जिंदगी बचाने में कितनी कारगर साबित होती है और सरकार अपराधियों के खिलाफ क्या और कड़े कदम उठाती है।