पंजाब कैबिनेट ने नए ऑर्डिनेंस को दी हरी झंडी, अब नहीं बढ़ा सकेंगे मनमानी फीस, पैरेंट्स को मिली बड़ी राहत
पंजाब के लाखों अभिभावकों (पैरेंट्स) के लिए इस समय की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उस ऑर्डिनेंस (अध्यादेश) को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद राज्य के निजी स्कूल अब अपनी मनमर्जी से फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानदंडों के अनुसार, पंजाब सरकार का यह सख्त कदम शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने और आम जनता की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद से उन प्राइवेट स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है जो हर नए शैक्षणिक सत्र में मनमाने ढंग से एनुअल चार्ज और ट्यूशन फीस बढ़ा देते थे।
कैबिनेट मीटिंग में ऑर्डिनेंस को मिली मंजूरी, उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी सख्त कार्रवाई
चंडीगढ़ में हुई पंजाब कैबिनेट की इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए इस विशेष ऑर्डिनेंस के ड्राफ्ट पर गहन चर्चा के बाद अंतिम मुहर लगा दी गई। नए नियमों के मुताबिक, कोई भी निजी स्कूल प्रबंधन जिला नियामक संस्था या सरकार द्वारा तय की गई तय सीमा से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई निजी स्कूल इस ऑर्डिनेंस के नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर न केवल भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि बार-बार गलती दोहराने पर उस स्कूल की एनओसी (NOC) और मान्यता तक रद्द करने का कड़ा प्रावधान किया गया है।
हिडन चार्ज और फंड के नाम पर होने वाली अवैध वसूली पर भी पूरी तरह लगी रोक
अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट स्कूल केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि एडमिशन फंड, डेवलपमेंट चार्ज, बिल्डिंग फंड और अन्य हिडन चार्ज के नाम पर पैरेंट्स से मोटी रकम वसूलते हैं। लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, बठिंडा और पटियाला जैसे प्रमुख शहरों के पैरेंट्स एसोसिएशंस ने लंबे समय से सरकार से इस लूट को बंद करने की गुहार लगाई थी। इस ऑर्डिनेंस के लाइव होने के बाद, अब स्कूलों को अपनी पूरी फीस संरचना को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना होगा और किसी भी तरह के गुप्त या अप्रत्याशित फंड की वसूली पर पूरी तरह से कानूनी प्रतिबंध रहेगा।
सोशल मीडिया पर मान सरकार के फैसले की तारीफ, जानिए क्या बोले शिक्षा मंत्री
गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और आधुनिक डिजिटल न्यूज फीड्स के अनुसार, पंजाब कैबिनेट के इस फैसले की गूंज सोशल मीडिया पर भी तेजी से सुनाई दे रही है। पैरेंट्स और आम जनता इसे एक बेहद क्रांतिकारी कदम बता रहे हैं। स्थानीय ज्योग्राफिकल और एजुकेशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पंजाब के शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार निजी स्कूलों के खिलाफ नहीं है, लेकिन शिक्षा के नाम पर व्यापार और पैरेंट्स का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि इस नए अध्यादेश के लागू होने के बाद प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का क्या रुख रहता है और जमीनी स्तर पर यह कानून पैरेंट्स को कितनी बड़ी आर्थिक राहत दिला पाता है।