पंजाब विधानसभा चुनाव: भगवंत मान दोबारा बनेंगे CM या जाएगी सरकार
पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रमुख विपक्षी नेताओं के तूफानी दौरों के बीच राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पहला बड़ा ओपिनियन पोल सामने आ गया है। इस सर्वे ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर जनता के मिजाज की एक शुरुआती और बेहद चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) अपनी सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर विपक्ष बाजी मार लेगा। बेंगलुरु आधारित प्रमुख रिसर्च एजेंसी 'स्कोर' (SCORE) द्वारा जारी इस ओपिनियन पोल के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बनती दिख रही है और भगवंत मान मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद बने हुए हैं।
#1 पंजाब का पहला ओपिनियन पोल: जानिए किस पार्टी को मिल रही हैं कितनी सीटें?
117 सदस्यों वाली पंजाब विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादूई आंकड़ा 59 सीटों का है। सर्वे के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, यदि राज्य में अभी चुनाव होते हैं तो प्रमुख राजनीतिक दलों का प्रदर्शन इस प्रकार रह सकता है:
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आम आदमी पार्टी (AAP): 69 से 82 सीटें (स्पष्ट बहुमत की संभावना)
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress): 17 से 34 सीटें
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भारतीय जनता पार्टी (BJP): 4 से 12 सीटें
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शिरोमणि अकाली दल (SAD): 2 से 6 सीटें
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वारिस पंजाब दे (अमृतपाल सिंह गुट): 2 से 6 सीटें
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अन्य व कांटे की टक्कर (Tied Seats): 1 से 6 सीटें
हालांकि, साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली 92 ऐतिहासिक सीटों के मुकाबले इस बार सीटों और वोट शेयर में थोड़ा नुकसान होता दिख रहा है, लेकिन बहुकोणीय मुकाबले (Multi-Cornered Contest) के कारण विपक्षी वोटों के बिखराव का सीधा फायदा सत्ताधारी पार्टी को मिलता नजर आ रहा है।
#1 मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद कौन? भगवंत मान सबसे आगे, चन्नी दूसरे नंबर पर
ओपिनियन पोल में जब राज्य की जनता से उनके पसंदीदा मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सवाल पूछा गया, तो मौजूदा सीएम भगवंत मान लोकप्रियता के मामले में अपने सभी विरोधियों से काफी आगे नजर आए। सर्वे के मुताबिक:
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भगवंत मान (माननीय मुख्यमंत्री): ~39.36% से 46.3% वोटरों की पहली पसंद
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चरणजीत सिंह चन्नी (पूर्व मुख्यमंत्री/कांग्रेस): 15.61% वोटरों का समर्थन
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सुखबीर सिंह बादल (अकाली दल प्रमुख): 10.42% वोटरों की पसंद
सर्वे में यह बात भी सामने आई कि भगवंत मान की व्यक्तिगत अप्रूवल रेटिंग (Personal Approval Rating) उनकी सरकार के प्रदर्शन से अधिक मजबूत बनी हुई है। खासतौर पर महिला वोटरों के बीच आप (AAP) का आधार काफी मजबूत नजर आ रहा है, जिसका बड़ा श्रेय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और मुफ्त बिजली जैसी नीतियों को जाता है।
#1 ड्रग्स बना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा, 22% जनता ने जताई चिंता
सर्वे के विश्लेषणात्मक पहलुओं पर नजर डालें तो पंजाब में आज भी 'ड्रग्स और नशा' सबसे बड़ा सामाजिक व राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। लगभग 22.22% जनता ने नशे की समस्या को राज्य की सबसे बड़ी चुनौती माना है। इसके अलावा बेरोजगारी, सडकों व जल निकासी की स्थिति, और महंगाई जैसे मुद्दे भी वोटरों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, 79% से अधिक परिवारों ने माना कि उन्हें राज्य सरकार की कम से कम एक योजना का सीधा लाभ मिला है।
#1 क्या कहते हैं वोट प्रतिशत के आंकड़े और विपक्ष की चुनौती?
वोट शेयर के मामले में भी आम आदमी पार्टी 38% अनुमानित वोटों के साथ शीर्ष पर बनी हुई है। कांग्रेस 24% वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि बीजेपी का वोट शेयर बढ़कर 14% तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। अकाली दल को 12.5% और वारिस पंजाब दे को 8.5% वोट मिलने की संभावना जताई गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ओपिनियन पोल केवल मौजूदा माहौल की एक झलक है। चुनाव में अभी समय बाकी है और अमित शाह की रैलियों व राहुल गांधी की संभावित यात्राओं के बाद पंजाब का सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।