रोक के बावजूद 'सतलुज' की स्क्रीनिंग: पंजाब के गुरुद्वारों में दिखाई जा रही फिल्म, लोग बोले-वापस न आए ऐसा दौर

रोक के बावजूद 'सतलुज' की स्क्रीनिंग: पंजाब के गुरुद्वारों में दिखाई जा रही फिल्म, लोग बोले-वापस न आए ऐसा दौर

सेंसर बोर्ड और आधिकारिक पाबंदियों के बावजूद विवादों में घिरी फिल्म 'सतलुज' को लेकर पंजाब की सियासत और सामाजिक गलियारों में एक नया मोड़ आ गया है। कड़े विरोध और सरकारी रोक के बाद भी पंजाब के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों के गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सिख श्रद्धालु जुट रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

प्रतिबंध के बाद भी गुरुद्वारों के परिसरों में उमड़ी भारी भीड़

सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए कुछ स्थानीय कमेटियों और धार्मिक संगठनों ने इसे सीधे जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है। पंजाब के विभिन्न जिलों के गुरुद्वारों के सामुदायिक हॉलों और खुले परिसरों में प्रोजेक्टर लगाकर फिल्म 'सतलुज' को दिखाया जा रहा है। आयोजकों का तर्क है कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास, पानी के संकट और सामाजिक सच्चाई को बयां करती है, इसलिए इसे लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

फिल्म देखकर रो पड़े दर्शक, पंजाब के पुराने जख्म हुए हरे

इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। पंजाब के काले दौर और सामाजिक त्रासदियों पर आधारित दृश्यों को देखकर हॉल में मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की आंखें नम हो गईं। फिल्म देखकर बाहर निकले दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया में बेहद संजीदगी से कहा कि पंजाब ने अतीत में जो संताप और दर्द झेला है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोगों ने हाथ जोड़कर दुआ की कि भगवान करे पंजाब की धरती पर वो खौफनाक और काला दौर कभी दोबारा वापस न आए।

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपील

बिना अनुमति के हो रही इस स्क्रीनिंग ने स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी कीमत पर राज्य का माहौल या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। खुफिया तंत्र भी इस बात की जांच कर रहा है कि फिल्म के प्रदर्शन के पीछे किन संगठनों का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों से भी शांति और कानून का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।

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