ASI हरजीत सिंह हत्याकांड: अमृतसर में एनकाउंटर में ढेर हुआ मुख्य आरोपी, पाकिस्तान को वफादारी साबित करने के लिए बनाया था मर्डर का वीडियो

ASI हरजीत सिंह हत्याकांड: अमृतसर में एनकाउंटर में ढेर हुआ मुख्य आरोपी, पाकिस्तान को वफादारी साबित करने के लिए बनाया था मर्डर का वीडियो

पंजाब के सीमावर्ती जिले अमृतसर में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाले सहायक उप-निरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पंजाब पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। शहर में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान खाकी वर्दी पर हमला करने की इस दुस्साहसिक वारदात के महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल विंग ने हत्यारे को घेर लिया। पुलिस टीम द्वारा आत्मसमर्पण के लिए दिए गए अल्टीमेटम को नजरअंदाज करते हुए जब आरोपी ने सीधे पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, तो जवाबी आत्मरक्षा में चली गोलियों से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस एनकाउंटर के तुरंत बाद अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने एक विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग में जो खुलासे किए, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में यह साबित हुआ है कि इस बर्बर हत्याकांड के तार सीधे सीमा पार पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी और ड्रग सिंडिकेट के आकाओं से जुड़े हुए थे।

ठंडा रोड पर नाकेबंदी के दौरान मुठभेड़: 4 राउंड गोलीबारी के जवाब में पुलिस ने दागीं 6 गोलियां

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने आधिकारिक विवरण साझा करते हुए बताया कि 18 सितंबर 2026 की रात को ड्यूटी के दौरान एएसआई हरजीत सिंह की नृशंस हत्या की घटना के बाद से ही पूरी पुलिस फोर्स अत्यधिक अलर्ट मोड पर थी। हत्याकांड में शामिल शूटरों की धरपकड़ के लिए अमृतसर शहर और उसके सीमावर्ती बाहरी इलाकों में विशेष खुफिया नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए थे। तकनीकी निगरानी और फील्ड इनपुट के आधार पर पुलिस को जब पुख्ता सूचना मिली, तो शहर में तुरंत 'रेड अलर्ट' घोषित कर दिया गया।

शनिवार की देर रात ठंडा रोड पर बने चेकपॉइंट पर जब स्पेशल पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध को रुकने का स्पष्ट इशारा किया, तो उसने रुकने के बजाय अपनी अवैध पिस्तौल निकालकर पुलिस टीम पर सीधे चार राउंड गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज से इलाका दहल उठा और पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई में नियंत्रित तरीके से छह राउंड फायरिंग की। इस क्रास-फायरिंग में पुलिस की एक गोली मुख्य शूटर को जा लगी, जिसके बाद वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस टीम ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार देते हुए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत (ब्रॉट डेड) घोषित कर दिया।

अंधेरे का लाभ उठाकर दूसरा संदिग्ध फरार: पंजाब पुलिस की स्पेशल टीमें कर रही हैं कांबिंग ऑपरेशन

पुलिस कमिश्नर गिल ने पुष्टि की कि इस मुठभेड़ के दौरान मुख्य शूटर के साथ उसका एक अन्य साथी भी मौजूद था। जैसे ही मुठभेड़ शुरू हुई और गोलियां चलने लगीं, दूसरा संदिग्ध घने अंधेरे और आसपास के संकरे रास्तों का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। फरार आरोपी की पहचान स्थापित कर ली गई है और अमृतसर ग्रामीण व शहरी पुलिस की कई विशेष टीमें डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च और कांबिंग ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सभी संभावित निकास मार्गों को सील कर दिया गया है और बहुत जल्द दूसरे फरार अपराधी को भी कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।

पाकिस्तान में बैठे हैंडलर का खौफनाक सिंडिकेट: ड्रग्स के धंधे और पैसों के लालच में दिया वारदात को अंजाम

इस मुठभेड़ के बाद पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक तकनीकी जांच में इस हत्याकांड के पीछे का सबसे चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। सीपी हरमनबीर सिंह गिल ने खुलासा किया कि इन स्थानीय अपराधियों को विदेश में बैठे एक पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे। यह पाकिस्तानी हैंडलर सीमा पार से हेरोइन और अवैध हथियारों की तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क संचालित करता है। उसने इन युवाओं को भारी नकदी देने और पंजाब में नशीले पदार्थों के अत्यधिक आकर्षक सिंडिकेट का स्थायी डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का सुनहरा ख्वाब दिखाया था।

पाकिस्तानी हैंडलर ने इन गुर्गों को अपने नेटवर्क में शामिल करने से पहले उनके सामने एक बेहद क्रूर और खौफनाक शर्त रखी थी। वह यह परखना चाहता था कि क्या ये शूटर उसके प्रति पूरी तरह वफादार हैं और क्या वे उसके इशारे पर किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस तथाकथित 'वफादारी के इम्तिहान' (Test of Loyalty) के तहत पाकिस्तानी आका ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया था कि वे शहर में अकेले गश्त कर रहे किसी भी पुलिस अधिकारी को चिन्हित करें, उसे प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से गोली मारकर मौत के घाट उतारें और इस पूरी घटना का स्पष्ट वीडियो रिकॉर्ड करके उसे सीमा पार भेजें, ताकि वे उसके स्थायी नियंत्रण और मानसिक दबाव में बने रहें।

हत्या का वीडियो बनाकर सीमा पार भेजा: फॉरेंसिक जांच और जीपीएस कोऑर्डिनेट्स से बनेगा पुख्ता केस

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में यह साबित हो चुका है कि जब एएसआई हरजीत सिंह गोली लगने के बाद लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे, तब इन बेरहम शूटरों ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे से उनकी तड़पती हुई हालत का वीडियो शूट किया और उसे तुरंत एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के ठिकाने पर अपलोड कर दिया। मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए मुख्य आरोपी के स्मार्टफोन को तुरंत राज्य फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर और फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा फोन के डेटा की रिकवरी की जा रही है, जिससे वह विवादित मर्डर वीडियो, कॉलिंग लॉग्स और पाकिस्तानी आईपी एड्रेस के साथ चैटिंग के पुख्ता प्रमाण सामने आ जाएंगे। इसके साथ ही, वारदात के समय और वीडियो ट्रांसमिशन के दौरान इस्तेमाल किए गए सेल टावर डंप डेटा और जीपीएस लोकेशन कोऑर्डिनेट्स का वैज्ञानिक मिलान किया जा रहा है। पुलिस इस पूरे डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य को अदालत के समक्ष एक अचूक और अभेद्य चार्जशीट के रूप में पेश करेगी, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय आतंकी-अपराधिक गठजोड़ पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो सके।