पंजाब में 3 फेज में यात्रा निकालने की तैयारी में अकाली दल
पंजाब की सियासत में अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने एक बेहद आक्रामक और व्यापक चुनावी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए अकाली दल ने प्रदेश के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने के लिए एक विशाल राज्यव्यापी यात्रा निकालने का फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कोर कमेटी की बैठक में यह तय किया गया है कि यह पूरी यात्रा तीन अलग-अलग चरणों (Phases) में संपन्न होगी, जिसका नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल खुद करेंगे। इस मास कॉन्टैक्ट प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सभी चरण सिखों के प्रमुख और पवित्र धार्मिक स्थलों से शुरू होकर महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों पर ही समाप्त होंगे, जिसके जरिए पार्टी पारंपरिक और वैचारिक आधार को मजबूत करने की पुरजोर कोशिश में जुटी है।
तीन चरणों में बंटी होगी यात्रा, दमदमा साहिब से होगा आगाज
अकाली दल की ओर से जारी कार्ययोजना के अनुसार, इस राज्यव्यापी बस यात्रा और जनसंपर्क अभियान का पहला चरण आगामी 10 नवंबर से शुरू होगा, जो 22 नवंबर तक चलेगा। इस पहले चरण की शुरुआत पंजाब की ऐतिहासिक धरती तलवंडी साहिब स्थित श्री दमदमा साहिब से की जाएगी। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में निकलने वाले इस काफिले का मकसद राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों के हर कोने तक पहुंचना है। यात्रा के दौरान पार्टी नेता जनता के बीच जाकर मौजूदा सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था के मुद्दों और जनहित से जुड़ी समस्याओं पर सीधा संवाद स्थापित करेंगे। पहले चरण की सफलता के बाद यात्रा के दूसरे और तीसरे चरण की रूपरेखा को भी अमलीजामा पहनाया जाएगा, जिसके लिए स्थानीय स्तर पर पार्टी के हल्का इंचायों और कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
श्री आनंदपुर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब से तय होंगे अगले दो चरण
राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस अभियान के अगले दो चरणों के पड़ाव भी बेहद खास रखे गए हैं। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रा का दूसरा चरण ऐतिहासिक नगरी श्री आनंदपुर साहिब से लॉन्च किया जाएगा, जो राज्य के दूसरे हिस्सों से गुजरते हुए जनता को पार्टी के साथ जोड़ेगा। वहीं, इस महा-अभियान का तीसरा और अंतिम चरण सिख धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होगा। धार्मिक स्थलों से यात्रा के आरंभ और समापन का यह निर्णय अकाली दल की पारंपरिक राजनीति और उसकी वैचारिक पहचान को पुनर्जीवित करने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि इन पवित्र स्थलों की सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद के साथ जब पार्टी के नेता जनता के बीच पहुंचेंगे, तो आम लोगों का अकाली दल के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
सभी 117 विधानसभा सीटों पर सीधी पहुंच और चुनावी तैयारी
पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अकाली दल ने इस बार जमीन पर उतरकर काम करने की रणनीति बनाई है। पिछले कुछ समय से राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों और सत्ताधारी दल के खिलाफ बन रहे माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए यह यात्रा एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि पंजाब के विकास, शांति, भाईचारे और खुशहाली को दोबारा पटरी पर लाने का एक जन-आंदोलन है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नुक्कड़ सभाओं, छोटी रैलियों और घर-घर संपर्क अभियानों के जरिए पार्टी हर वर्ग के वोटर तक अपनी बात पहुंचाएगी। युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को इस यात्रा के एजेंडे में सर्वोपरि रखा गया है ताकि समाज के हर हिस्से की समस्याओं का प्रभावी समाधान पेश किया जा सके।
पंजाब की राजनीति पर पड़ेगा गहरा प्रभाव, विरोधियों पर भी रहेगी नजर
अकाली दल के इस मास्टरप्लान से राज्य के अन्य राजनीतिक दलों की भी नींद उड़नी तय मानी जा रही है। एक तरफ जहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी अपनी सफलताओं के दावे कर रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल भी अपनी जमीन तलाशने में जुटे हैं। ऐसे समय में अकाली दल का इस तरह से तीन चरणों में पूरे प्रदेश को नापना और धार्मिक आस्था के केंद्रों से शक्ति प्रदर्शन करना चुनावी माहौल को पूरी तरह गर्मा देगा। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जनता इस बड़े जनसंपर्क अभियान को कितना समर्थन देती है और क्या यह यात्रा अकाली दल के लिए संजीवनी बूटी साबित हो पाती है या नहीं।