अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने ओम बिरला को लिखा पत्र
पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर भारी घमासान मच गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से सांसद ने मानसा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के खिलाफ लोकसभा के नियम 223 के तहत विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना का नोटिस जारी करने की मांग की है। हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने न केवल एक जनप्रतिनिधि के संवैधानिक अधिकारों की अवहेलना की, बल्कि जनता की समस्याओं से जुड़ी गंभीर चिंताओं को उठाने पर उनके साथ बेहद अनुचित व्यवहार भी किया।
मानसा में युवक की संदिग्ध मौत और पुलिस पर परिजनों से बर्बरता का आरोप
इस पूरे विवाद की जड़ मानसा जिले में घटी एक दुखद घटना से जुड़ी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानसा में कथित तौर पर नशे की अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) के कारण एक स्थानीय युवक (दलजीत) की अकाल मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल था। आरोप है कि पंजाब पुलिस के कर्मियों ने न सिर्फ मृतक के शव को परिजनों से जबरन अपने कब्जे में ले लिया, बल्कि मृतक के बुजुर्ग और शुगर (डायबिटीज) से पीड़ित पिता जरनैल सिंह को भी बिना किसी पूर्व सूचना के पुलिस वाहनों में उठाकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। परिवार वालों को लंबे समय तक उनके बारे में कोई सही जानकारी नहीं दी गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।
सांसद हरसिमरत कौर बादल और मानसा SSP के बीच तीखी बातचीत की रिकॉर्डिंग सौंपी
जब इस घटना की जानकारी बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल तक पहुंची, तो उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के रूप में पीड़ित परिवार की पीड़ा और कानून व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को लेकर मानसा के एसएसपी से फोन पर बात की। सांसद का आरोप है कि मानसा के एसएसपी ने उनकी चिंताओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया और पुलिस द्वारा बुजुर्ग पिता को उठाए जाने की बात से साफ इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारी ने उल्टा परिवार को 'गुमशुदगी की रिपोर्ट' दर्ज कराने की सलाह दे डाली। हरसिमरत कौर बादल ने इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग और साक्ष्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपे हैं और दावा किया है कि एक निर्वाचित सांसद के प्रति पुलिस अधिकारी का यह रवैया संसदीय मर्यादाओं और विशेषाधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
लोकसभा अध्यक्ष से सख्त कार्रवाई, एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तलब करने की मांग
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए अपने विस्तृत नोटिस में सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि घटना से जुड़ी एफआईआर (FIR), इन्क्वेस्ट रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस द्वारा शव व बुजुर्ग पिता को जबरन हटाए जाने से संबंधित सभी रिकॉर्ड संसद के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर आम नागरिकों के मानवाधिकारों का हनन करने और सच्चाई को दबाने का कड़ा आरोप लगाया है।
पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशा मुक्ति पर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला
हरसिमरत कौर बादल द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिरोमणि अकाली दल ने आरोप लगाया है कि राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के शासन में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से निरंकुश हो चुका है और आम लोगों की आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को भी अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे का जाल लगातार युवाओं की जान ले रहा है, लेकिन प्रशासन समस्याओं का समाधान करने के बजाय पीड़ित परिवारों और आवाज उठाने वाले नेताओं को ही दबाने में जुटा है। इस विशेषाधिकार हनन नोटिस के बाद अब संसद से लेकर पंजाब तक प्रशासनिक और राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की पूरी संभावना है।