होम-टू-रोल विजिट के दौरान लातेहार पहुंचे CEO के. रवि कुमार

होम-टू-रोल विजिट के दौरान लातेहार पहुंचे CEO के. रवि कुमार

झारखंड में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (Voter List Revision) और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार जमीनी हकीकत जानने के लिए अचानक लातेहार जिले के सुदूर इलाकों में पहुंचे। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष 'होम-टू-रोल' (Home to Roll) सत्यापन अभियान के तहत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लातेहार के विभिन्न मतदान केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए जहां योग्य एवं पात्र नागरिकों का नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज ही नहीं था। मतदाता सूची में भारी खामियों और सुस्ती को देखकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मौके पर मौजूद बीएलओ (BLO) और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई तथा बिना किसी देरी के योग्य छूटे हुए सभी नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के सख्त निर्देश जारी किए।

#1. लातेहार में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अचानक दस्तक: क्या है 'होम-टू-रोल' अभियान?

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार राज्य में निष्पक्ष और शत-प्रतिशत शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने के लिए खुद मैदानी स्तर पर कमान संभाले हुए हैं। इसी कड़ी में वे लातेहार जिले के दूरदराज और पिछड़े इलाकों में चल रहे 'होम-टू-रोल' अभियान की समीक्षा करने पहुंचे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक (जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी है) मतदाता सूची से बाहर न छूटे और जो मृत या स्थानांतरित मतदाता हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा सकें। सीईओ के. रवि कुमार ने स्थानीय निवासियों के घर-घर जाकर स्वयं वोटर कार्ड और परिवार के सदस्यों का विवरण जांचा, जिससे जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया।

#1. कई पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब: सीईओ ने जताई कड़ी नाराजगी और अधिकारियों को लगाई फटकार

निरीक्षण के दौरान जब सीईओ के. रवि कुमार ने कई परिवारों से सीधी बातचीत की, तो यह बात सामने आई कि कई 18 वर्ष पूरी कर चुके युवा और योग्य गृहिणियां अब तक मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं थीं। कुछ मामलों में एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों पर थे या पूरी तरह गायब थे। बीएलओ द्वारा किए गए कार्य में बरती गई इस लापरवाही पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही लातेहार के उपायुक्त (DC), उप विकास आयुक्त (DDC) और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) को निर्देश दिया कि वे खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करें और जिन बीएलओ द्वारा काम में कोताही बरती गई है, उन पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करें।

#1. फॉर्म 6, 7 और 8 भरवाने के निर्देश: नए और छूटे हुए वोटरों के लिए कैंप लगाने की तैयारी

लातेहार दौरे पर पहुंचे सीईओ ने गांव-गांव में उपस्थित अधिकारियों को तुरंत एक्शन मोड में आने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योग्य नागरिकों के नाम सूची में नहीं हैं, उनसे तुरंत 'फॉर्म 6' (Form 6) भरवाकर उनका नाम जोड़ा जाए। इसके साथ ही मतदाता पहचान पत्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संशोधन के लिए 'फॉर्म 8' और फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए 'फॉर्म 7' की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया कि लातेहार जिले के हर गांव और टोले में विशेष शिविर (Special Camps) आयोजित किए जाएं ताकि एक भी पात्र व्यक्ति लोकतंत्र के इस महापर्व में वोट डालने के अधिकार से वंचित न रह जाए।

#1. शत-प्रतिशत शुद्ध मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की नींव: के. रवि कुमार का स्पष्ट संदेश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मीडिया और अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की नींव पूरी तरह से शुद्ध और अद्यतन (Updated) मतदाता सूची पर टिकी होती है। लातेहार जैसे जनजातीय और सुदूर जिले में हर एक व्यक्ति तक पहुंच बनाना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और बीएलओ के घर आने पर अपने परिवार के सभी 18 वर्ष से ऊपर के सदस्यों के नाम की जांच सूची में जरूर करा लें। लातेहार में सीईओ के इस औचक निरीक्षण के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की गति तेज कर दी गई है।