अमृतसर नॉर्थ से आप विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने दिया इस्तीफा
पंजाब की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) को पटियाला जिले के दो प्रमुख विधायकों के इस्तीफे के बाद अब अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह के रूप में एक और बड़ा झटका लगा है। लंबे समय से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आखिरकार पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और विधानसभा सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। जून 2025 में आम आदमी पार्टी से 5 साल के लिए निलंबित किए गए कुंवर विजय प्रताप के इस कड़े कदम ने न केवल पंजाब की सियासत में भूचाल ला दिया है, बल्कि अमृतसर और माझा बेल्ट में आम आदमी पार्टी के सियासी आधार को भी हिलाकर रख दिया है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह का पंजाब की राजनीति से इस्तीफा: जानिए क्या रही बगावत की मुख्य वजह
अमृतसर उत्तर विधानसभा सीट से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह लंबे समय से आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई और भगवंत मान सरकार के खिलाफ असहज महसूस कर रहे थे। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे कुंवर विजय प्रताप 2015 के चर्चित कोटकपूरा व बहबल कलां बेअदबी मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख रहे थे और इस मुद्दे पर वे किसी भी प्रकार का राजनीतिक समझौता करने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कई सार्वजनिक मंचों पर खुले तौर पर आरोप लगाया था कि पंजाब सरकार बेअदबी और गोलीकांड के दोषियों को सजा दिलाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इसी नाराजगी और वैचारिक मतभेदों के चलते पार्टी नेतृत्व ने जून 2025 में उन्हें 5 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था, जिसके बाद से ही उनके अगले सियासी कदम को लेकर अटकलें तेज थीं।
पटियाला के दो विधायकों के बाद अमृतसर में आप को झटका: पंजाब में चरम पर पार्टी कलह
आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पटियाला जिले से पार्टी के दो बड़े विधायकों ने हाल ही में पार्टी से किनारा किया है। पटियाला और अमृतसर जैसे दो बड़े एवं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों में एक साथ विधायकों का पार्टी छोड़ना पंजाब में 'आप' के भीतर मची भीषण अंदरूनी कलह को उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुंवर विजय प्रताप सिंह का अमृतसर जैसे बड़े शहरी और धार्मिक केंद्र से इस्तीफा देना आम आदमी पार्टी की छवि पर गहरा असर डालेगा। उनके इस्तीफे के बाद अमृतसर उत्तर के स्थानीय कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भी भारी हलचल और असमंजस की स्थिति बन गई है।
पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर दागे तीखे सवाल: पूर्व आईपीएस अधिकारी का गंभीर आरोप
इस्तीफे का ऐलान करते हुए कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखे जुबानी हमले किए। उन्होंने कहा कि जिस बदलाव, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के वादे के साथ वे आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे, वह जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था, नशाखोरी के खिलाफ कार्रवाई और संवेदनशील धार्मिक मुद्दों पर सरकार का रवैया पूरी तरह निराशाजनक रहा है। कुंवर विजय प्रताप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी सूरत में पंजाब की जनता, अमृतसर के मतदाताओं और अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने घुटन भरे माहौल से बाहर निकलने का फैसला किया।
अमृतसर और मालवा बेल्ट में बदला राजनीतिक समीकरण: क्या भाजपा या अन्य दल में होंगे शामिल?
कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे के बाद अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि उनका अगला राजनीतिक ठिकाना कौन सा होगा। पंजाब की राजनीति में एक कड़क और ईमानदार छवि वाले पूर्व आईपीएस अफसर के रूप में पहचान रखने वाले कुंवर विजय प्रताप सिंह का अपना एक स्वतंत्र जनाधार है। अमृतसर और आसपास के इलाकों में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दल उन्हें अपने पाले में लाने की होड़ में लग गए हैं। उनके इस फैसले के बाद पंजाब के आगामी राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते हुए नजर आ रहे हैं और विपक्षी दलों को मान सरकार को घेरने का एक और बड़ा और धारदार हथियार मिल गया है।