केंद्रीय मंत्री ने की भव्य 3 दिवसीय राज्योत्सव की शुरुआत
छत्तीसगढ़ की स्थापना के गौरवशाली पर्व और संस्कृति के महाकुंभ के रूप में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय 'राज्योत्सव' का भव्य और शानदार आगाज हो चुका है। राजधानी रायपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक और विकासपरक आयोजन का उद्घाटन करने के लिए केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने विशेष रूप से शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन कर राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का सपना आज राज्य के हर कोने में विकास और खुशहाली के रूप में साकार हो रहा है। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, आदिवासी नृत्यों और औद्योगिक प्रगति का यह महाउत्सव पूरे राज्य में उत्सव का माहौल पैदा कर रहा है।
भव्य राज्योत्सव का शानदार आगाज: केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने की शिरकत
छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय राज्योत्सव को लेकर पूरे प्रदेश में भारी उत्साह और उल्लास का माहौल देखा जा रहा है। राजधानी रायपुर के मुख्य आयोजन स्थल पर बनाए गए भव्य पंडाल और प्रदर्शनी परिसरों को छत्तीसगढ़ी संस्कृति, पारंपरिक छत्तीसगढ़िया खान-पान और लोक कलाओं की थीम पर सजाया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री ने सबसे पहले विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनियों का मुआयना किया। इस दौरान पारंपरिक लोक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर आए हुए मेहमानों का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ डबल इंजन की सरकार के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री का संबोधन: 'छत्तीसगढ़ को गढ़ने में अटल बिहारी वाजपेयी के विजन का है अहम योगदान'
राज्योत्सव के मुख्य मंच से प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ जो भी तरक्की देख रहा है, उसकी नींव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही रखी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ को एक अलग राज्य का दर्जा देकर अटल जी ने आदिवासियों, युवाओं और पिछड़ों के सपनों को नई उड़ान दी थी। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र को अपनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सुराजी गांव योजना, महतारी वंदन योजना और औद्योगिक विकास के जरिए राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। अटल जी का सपना एक ऐसा समृद्ध और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ बनाना था, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आ सके।
लोक कला, संस्कृति और विकास की अनूठी झलक: तीन दिनों तक सजेगा सांस्कृतिक मंच
तीन दिनों तक चलने वाले इस राज्योत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम को देश और प्रदेश के जाने-माने कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। बॉलीवुड और छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां इस महोत्सव में चार चांद लगाएंगी। इसके अलावा, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और भविष्य की विकास परियोजनाओं को दर्शाती हुई विभिन्न विभागों की स्टॉल्स भी आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय युवाओं, किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए विशेष बाजार भी लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां चाक-चौबंद, जनता में दिखा भारी उत्साह
राज्योोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और वीआईपी मेहमानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है ताकि आने वाले दर्शकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। राज्य के कोने-कोने से पहुंचे लोग इस तीन दिवसीय महाउत्सव का आनंद उठाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और विकास के इस अनूठे संगम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए आधुनिकता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।