Punjab Politics: बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी वाले का बड़ा सियासी धमाक, चुनाव से ठीक पहले इस पार्टी का थामा हाथ
News India Live, Digital Desk : पंजाब विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच प्रदेश की सियासत में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सुप्रसिद्ध धार्मिक शख्सियत और सामाजिक कार्यकर्ता बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी वाले (Baba Gurvinder Singh Kheri Wale) ने औपचारिक रूप से सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। बाबा खेड़ी वाले ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है, जिससे पंजाब के मालवा और माझा बेल्ट में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। चंडीगढ़ स्थित बीजेपी मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
धार्मिक आधार और बीजेपी का 'सिख कार्ड'
बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी वाले का पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर सिखों और दलित समाज के बीच काफी गहरा प्रभाव माना जाता है। बीजेपी ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर एक बड़ा 'सिख कार्ड' खेला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बाबा खेड़ी वाले के आने से बीजेपी को उन इलाकों में पैठ बनाने में मदद मिलेगी जहां अब तक पारंपरिक पार्टियों (शिअद और कांग्रेस) का दबदबा रहा है। बाबा ने सदस्यता लेने के बाद कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और पंजाब के विकास के विजन से प्रभावित होकर राजनीति में आए हैं।
क्या बाबा खेड़ी वाले लड़ेंगे चुनाव?
बाबा गुरविंदर सिंह के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे? सूत्रों की मानें तो पार्टी उन्हें किसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना सकती है या फिर उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में पूरे पंजाब में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। बाबा खेड़ी वाले ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त बनाना और युवाओं को रोजगार दिलाना है। उनके समर्थकों में इस फैसले को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है और हजारों की संख्या में उनके अनुयायी भी बीजेपी से जुड़ सकते हैं।
विरोधियों के खेमे में मची खलबली
बाबा खेड़ी वाले के इस कदम ने आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के लिए चिंता बढ़ा दी है। पंजाब की राजनीति में डेरा और धार्मिक डेरों के प्रमुखों का हमेशा से बड़ा प्रभाव रहा है। ऐसे में एक प्रभावशाली बाबा का बीजेपी में जाना विपक्षी दलों के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में कई और बड़ी धार्मिक और सामाजिक हस्तियां पार्टी में शामिल होंगी, जिससे 2026 के चुनावों में बीजेपी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरकर सामने आएगी।