BREAKING:
April 03 2026 06:52 am

Punjab : अगर 2022 में सरकार न बदलती, तो रेगिस्तान बन जाता पंजाब केजरीवाल का विरोधियों पर बड़ा प्रहार

Post

News India Live, Digital Desk: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल मचा दी है। पंजाब के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर साल 2022 में पंजाब की जनता बदलाव का फैसला न लेती और 'आप' की सरकार न बनती, तो आज पंजाब एक रेगिस्तान में तब्दील हो गया होता। केजरीवाल के इस बयान ने राज्य की पुरानी व्यवस्था और वर्तमान सुधारों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

पिछली सरकारों की 'लापरवाही' पर बरसे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दशकों तक पंजाब पर राज करने वाली पार्टियों ने राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर भूजल (Groundwater) और खेती की हालत को बदतर बना दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और दूरदर्शिता की कमी के कारण पंजाब का पानी पाताल में चला गया था और किसान कर्ज के दलदल में फंस गए थे। केजरीवाल के मुताबिक, 2022 का जनादेश केवल एक चुनाव नहीं था, बल्कि पंजाब को 'बंजर' होने से बचाने का एक निर्णायक मोड़ था।

AAP सरकार के 'ऐतिहासिक' फैसलों का गिनाया रिपोर्ट कार्ड

केजरीवाल ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 4 साल में पंजाब ने विकास की नई इबारत लिखी है। उन्होंने मुख्य रूप से इन उपलब्धियों पर जोर दिया:

बिजली क्रांति: पंजाब के 90% से अधिक घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर: पूरे पंजाब में 25,000 किलोमीटर की नई बिजली केबल बिछाई जा रही है ताकि सिस्टम को आधुनिक बनाया जा सके।

रोजगार: बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

किसानों को राहत: स्टबल बर्निंग (पराली) के मुद्दे पर केंद्र के असहयोग के बावजूद राज्य सरकार किसानों की हरसंभव मदद कर रही है।

विपक्ष और केंद्र सरकार पर साधा निशाना

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब को परेशान करने के लिए जानबूझकर फंड (करीब 9000 करोड़ रुपये) रोका गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की 'नफरत' पंजाब के विकास में बाधा बन रही है, लेकिन भगवंत मान सरकार झुकने वाली नहीं है। केजरीवाल के इस बयान पर शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने भी पलटवार किया है, जिससे पंजाब की राजनीति में 'रेगिस्तान बनाम विकास' का मुद्दा गरमा गया है। 'आप' नेतृत्व का दावा है कि आने वाले समय में पंजाब न केवल हरा-भरा रहेगा बल्कि पूरे देश के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य का मॉडल बनेगा।