Punjab Cabinet: मान कैबिनेट का बड़ा धमाका महिलाओं के लिए खुशहाली का पिटारा खुला, 1000 रुपये महीने की स्कीम
News India Live, Digital Desk: मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में राज्य की जनता के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' (Mukh Mantri Mawan Dheeyan Satkar Yojana) रही, जिसे कैबिनेट ने आधिकारिक रूप से अपनी मंजूरी दे दी है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव के समय महिलाओं से किया अपना सबसे बड़ा वादा अब पूरा करने की ओर कदम बढ़ा दिया है। इस योजना के तहत प्रदेश की लाखों महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद दी जाएगी।
बैसाखी पर शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, खाते में आएंगे पैसे कैबिनेट के फैसले के अनुसार, इस योजना के लिए पंजीकरण (Registration) आगामी 13 अप्रैल यानी बैसाखी के शुभ अवसर पर शुरू किया जाएगा। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने स्पष्ट किया है कि यह पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए भेजा जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 97% से अधिक महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना है।
औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए नौकरियों का रास्ता साफ महिलाओं के अलावा कैबिनेट ने औद्योगिक क्षेत्र और सरकारी नियुक्तियों पर भी बड़ा फैसला लिया है। योजना विभाग (Planning Department) में रिक्त पड़े 70 पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरने की मंजूरी दे दी गई है। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाव के लिए विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) बनाने और लीजहोल्ड औद्योगिक भूखंडों को फ्री-होल्ड में बदलने की नीति में भी संशोधन किया गया है। इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।
बिजली विभाग और खनन क्षेत्र में सुधार बैठक में बिजली उपभोक्ताओं और बुनियादी ढांचे के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) और पीएसटीसीएल (PSTCL) में शीर्ष पदों पर नियुक्ति के नियमों में बदलाव किया गया है। इसके अलावा, झारखंड स्थित पछवारा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए संविदा के आधार पर मैनपावर हायर करने की अनुमति दी गई है। सतलुज नदी में सिल्ट निकालने (Desilting) की शर्तों में ढील दी गई है ताकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) को सड़क निर्माण के लिए मिट्टी आसानी से मिल सके।