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April 12 2026 05:28 pm

साइकोलॉजिकल वॉर ईरान ने उड़ाया अमेरिका का मजाक, ट्रंप प्रशासन में मची भगदड़ को बताया सफल तख्तापलट

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया के मैदान-ए-जंग में सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, बल्कि शब्दों के बाण भी चल रहे हैं। हथियारों की लड़ाई में भले ही अमेरिका अपनी ताकत दिखा रहा हो, लेकिन डिजिटल मोर्चे पर ईरान लगातार वाशिंगटन पर भारी पड़ता दिख रहा है। गुरुवार को ट्रंप प्रशासन के भीतर मची भारी उथल-पुथल और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बर्खास्तगी पर चुटकी लेते हुए दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने एक ऐसा पोस्ट किया, जिसने अमेरिकी गलियारों में सनसनी फैला दी। ईरानी दूतावास ने हटाए गए अधिकारियों की तस्वीरों पर क्रॉस का निशान लगाकर लिखा 'रिजीम चेंज हैपन्ड सक्सेसफुली' (तख्तापलट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ)

पेंटागन में 'क्लीन स्वीप': सेना प्रमुख समेत कई दिग्गज हटाए गए

ईरान के इस तीखे कटाक्ष के पीछे अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) में मची अफरा-तफरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। रैंडी जॉर्ज को हटाए जाने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह ईरान पर सीधे जमीनी हमले के पक्ष में नहीं थे, जिससे ट्रंप प्रशासन नाराज था। उनके साथ ही ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख डेविड होडने और चैपलिन कॉर्प्स के प्रमुख मेजर जनरल विलियम ग्रीन की भी छुट्टी कर दी गई है।

ट्रंप के 'रिजीम चेंज' के नारे पर ईरान का पलटवार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर ईरान में 'रिजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) की बात करते रहे हैं, हालांकि युद्ध के शुरुआती हफ्तों के बाद उन्होंने इस लक्ष्य को अपनी प्राथमिकता सूची से हटा दिया था। अब ईरान ने ट्रंप के उसी शब्द का इस्तेमाल कर अमेरिका का मजाक उड़ाया है। सोशल मीडिया पर ईरानी समर्थकों का कहना है कि ट्रंप ईरान की सरकार क्या बदलेंगे, उनके अपने ही प्रशासन में 'रिजीम चेंज' जैसा माहौल बना हुआ है। ईरानी दूतावास ने इस पोस्ट के साथ 'MAGA' और हंसने वाले इमोजी का इस्तेमाल कर ट्रंप के समर्थकों को और भी उकसा दिया है।

प्रशासनिक उथल-पुथल: क्रिस्टी नोएम और पॉम बॉन्डी भी बाहर

केवल सेना ही नहीं, ट्रंप की कैबिनेट और करीबी सलाहकारों पर भी गाज गिर रही है।

क्रिस्टी नोएम: 5 मार्च को उन्हें 220 मिलियन डॉलर के विवादित कॉन्ट्रैक्ट और आपदा प्रबंधन में विफलता के आरोपों के बाद हटा दिया गया।

पॉम बॉन्डी: ट्रंप की बेहद करीबी मानी जाने वाली पॉम बॉन्डी को भी पद छोड़ना पड़ा है। उनकी जगह टॉड बैलांचे को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया है। वाशिंगटन के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप उन सभी चेहरों को हटा रहे हैं जो युद्ध की रणनीति या उनके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।

तुलसी गबार्ड और काश पटेल पर भी लटकी तलवार?

अगला नंबर किसका होगा, इसे लेकर अटकलें तेज हैं। खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड और काश पटेल के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। तुलसी गबार्ड विशेष रूप से ईरान, भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप की कट्टरपंथी नीति से अलग राय रखती रही हैं। सूत्रों का दावा है कि विदेशी नीति पर मतभेदों के चलते जल्द ही उनकी भी छुट्टी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह सोशल मीडिया की जंग में ईरान के लिए 'प्रोपेगैंडा' फैलाने का एक और बड़ा हथियार बन जाएगा।