Property Registry New Rules 2026: 117 साल पुराना कानून खत्म! अब जमीन की रजिस्ट्री में छोटी सी गलती भी पड़ेगी भारी, जानें नए नियम
नई दिल्ली। भारत में प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने वालों के लिए साल 2026 एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे पंजीकरण अधिनियम, 1908 को अलविदा कहने की तैयारी कर ली है। इसकी जगह अब नया Registration Bill, 2025 प्रभावी होगा। इस नए कानून का सीधा असर आपकी जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पर पड़ेगा। अब रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर काटने के बजाय, सरकार पूरी प्रक्रिया को 'फेसलेस' और 'डिजिटल' बनाने जा रही है, लेकिन सावधानी न बरतने पर आपकी रजिस्ट्री रद्द भी हो सकती है।
रजिस्ट्री में मामूली गलती और आवेदन निरस्त
नए नियमों के तहत पारदर्शिता पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। पहले रजिस्ट्री दस्तावेजों में छोटी-मोटी गलतियों को सुधारा जा सकता था, लेकिन अब प्लॉट नंबर, चौहद्दी (Boundary), गवाहों की जानकारी या नाम की स्पेलिंग में एक छोटी सी चूक होने पर आपका आवेदन सीधे रद्द कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में होने वाले मालिकाना हक के विवादों को जड़ से खत्म किया जा सकेगा।
Land Registry Rules Update 2026: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | भूमि पंजीकरण नए नियम 2026 |
| प्रभावी वर्ष | 2026 |
| पुराना कानून | रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1908 |
| नया प्रस्तावित कानून | रजिस्ट्रेशन बिल, 2025 |
| मुख्य उद्देश्य | धोखाधड़ी रोकना और डिजिटल पारदर्शिता |
| प्रक्रिया | पूरी तरह पेपरलेस और ऑनलाइन |
धोखाधड़ी पर लगाम: अब फर्जी दस्तावेज जमा करना होगा नामुमकिन
अक्सर देखा जाता है कि एक ही जमीन को कई लोगों को बेच दिया जाता है। नए डिजिटल नियमों के तहत, जमीन का रिकॉर्ड आधार और पैन कार्ड से लिंक होगा। जैसे ही कोई विक्रेता गलत जानकारी देने की कोशिश करेगा, सिस्टम उसे ब्लॉक कर देगा। अब बायोमेट्रिक सत्यापन और वीडियो वेरिफिकेशन जैसी तकनीकें यह सुनिश्चित करेंगी कि खरीदार और विक्रेता दोनों असली हैं।
रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य दस्तावेज (Checklist 2026)
2026 में रजिस्ट्री कराने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज अपडेटेड होने चाहिए:
पहचान पत्र: आधार कार्ड और पैन कार्ड (अनिवार्य)।
वित्तीय रिकॉर्ड: पिछले 3 साल की प्रॉपर्टी टैक्स रसीद।
मैप: प्लॉट का डिजिटल मैप और यूनिक आईडी (ULPIN)।
पेमेंट प्रूफ: पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान रसीद (UPI/Net Banking)।
स्थानीय निकाय प्रमाण: नगर पालिका या पंचायत से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)।
ऑनलाइन रजिस्ट्री कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सबसे पहले राज्य के आधिकारिक भूमि पंजीकरण पोर्टल (जैसे MPIGR, IGRS आदि) पर जाएं।
प्रॉपर्टी का विवरण, एरिया और बाजार मूल्य (Circle Rate) दर्ज करें।
दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें (ध्यान रहे कि साइज और फॉर्मेट सही हो)।
रजिस्ट्री फीस और स्टाम्प ड्यूटी का ऑनलाइन भुगतान करें।
स्लॉट बुक करें और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी करें।
डिजिटल साइन होने के बाद आपका e-Registration Certificate जनरेट हो जाएगा।
क्या पुराने खरीदारों पर भी होगा असर?
यह सवाल हर किसी के मन में है। नए नियम मुख्य रूप से 2026 से होने वाली नई रजिस्ट्रियों पर लागू होंगे। हालांकि, सरकार पुराने रिकॉर्ड्स को भी डिजिटल मैप से जोड़ने का काम तेजी से कर रही है। इससे पुराने मालिकों को अपनी प्रॉपर्टी की स्थिति ऑनलाइन चेक करने और सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।