JPSC 2026 : क्या ओवरएज अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत? उम्र सीमा के 9 साल वाले पेंच पर मचा बवाल, CM तक पहुँचा मामला
News India Live, Digital Desk: झारखंड में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की सिविल सेवा परीक्षा-2025/26 चर्चा और चिंता दोनों का विषय बनी हुई है। आयोग द्वारा जारी हालिया विज्ञापन में उम्र की गणना के लिए जो कट-ऑफ डेट तय की गई है, उसने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। हालांकि, ताजा अपडेट्स के मुताबिक, झारखंड सरकार और कार्मिक विभाग इस मामले में नरमी बरतते हुए आयु सीमा में बड़ी छूट देने की तैयारी में है।
विवाद की जड़: उम्र गणना की तारीख पर छात्रों का रोष
JPSC द्वारा जारी विज्ञापन संख्या-01/2026 में अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा की गणना की तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि पिछली परीक्षाओं में यह गणना वर्ष 2017 के आधार पर की गई थी। इस बार गणना की तिथि में लगभग 9 वर्षों का जो अंतर आया है, उसके कारण हजारों प्रतिभावान छात्र बिना परीक्षा दिए ही 'ओवरएज' हो गए हैं।
सरकार का एक्शन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजा गया प्रस्ताव
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्मिक विभाग ने आयु सीमा में छूट देने का एक विशेष प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास भेजा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंत्रिपरिषद की अगली बैठक में उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट को पीछे खिसकाने (जैसे 2017 या 2019) पर मुहर लग सकती है, जिससे पुराने अभ्यर्थियों को एक और मौका मिल सके।
महत्वपूर्ण तिथियां और पदों का विवरण
अगर आप इस परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो वर्तमान कैलेंडर के अनुसार इन तारीखों को नोट कर लें:
कुल पद: 103 (डिप्टी कलेक्टर, DSP, जिला समादेष्टा आदि)
आवेदन शुरू: 31 जनवरी 2026
अंतिम तिथि: 14 फरवरी 2026
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): 8 मार्च 2026 (संभावित)
श्रेणीवार वर्तमान आयु सीमा (बिना छूट के)
वर्तमान में विज्ञापन के अनुसार आयु सीमा इस प्रकार है:
श्रेणी | अधिकतम आयु सीमा
अनारक्षित (General) | 35 वर्ष
BC-I / BC-II | 37 वर्ष |
महिला (Gen/OBC/EWS) | 38 वर्ष
| SC / ST (पुरुष और महिला) | 40 वर्ष |"छात्रों की मांग जायज है। सालों से तैयारी कर रहे युवाओं को सिर्फ तकनीकी कारणों से बाहर करना अन्याय होगा। हम जल्द ही सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।" - छात्र प्रतिनिधि दल