राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी, भीषण हवाई हमले में तबाह हुआ मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में जंग की आग अब बेकाबू होती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह अब भी नहीं सुधरा, तो उसे 'पत्थर युग' (Stone Age) में वापस भेज दिया जाएगा। इसी तनाव के बीच, अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने एक संयुक्त ऑपरेशन में ईरान के करज (Karaj) स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण B1 ब्रिज को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। यह हमला इतना भीषण था कि इसकी गूंज तेहरान तक सुनाई दी और इसमें कई लोगों के हताहत होने की खबर है।
ईरान का सबसे ऊंचा पुल 'B1' जमींदोज, ट्रंप ने जारी किया वीडियो
ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाला B1 ब्रिज, जिसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता था, अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा, "ईरान का सबसे बड़ा पुल धराशायी हो गया है, अब यह कभी इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। अभी तो शुरुआत है, बहुत कुछ होना बाकी है।" अमेरिकी खुफिया विभाग का दावा है कि ईरान इस पुल का इस्तेमाल मिसाइलों और सैन्य साजो-सामान को पश्चिमी लॉन्च पैड्स तक पहुंचाने के लिए कर रहा था।
"पुल के बाद अब पावर प्लांट की बारी": अमेरिका का कड़ा रुख
ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के 'रणनीतिक लक्ष्य' पूरे होने के करीब हैं, लेकिन हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक ईरान उनकी शर्तों को नहीं मान लेता। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, "अमेरिकी सेना ने अभी ईरान के बचे-कुचे ढांचे को नष्ट करना शुरू भी नहीं किया है। पुलों के बाद अब बिजली संयंत्रों (Electric Power Plants) की बारी है।" उन्होंने ईरानी नेतृत्व को नसीहत दी कि वे जल्द से जल्द कोई 'डील' कर लें, वरना ईरान के पास खोने के लिए कुछ नहीं बचेगा।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की तैयारी: 'हिट लिस्ट' में खाड़ी देशों के पुल
इस हमले के बाद ईरान के तेवर भी बेहद तल्ख हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला करना अमेरिका की नैतिक हार है और ईरान झुकने वाला नहीं है। ईरानी मीडिया (Fars News) ने एक 'हिट लिस्ट' जारी की है, जिसमें खाड़ी देशों और जॉर्डन के कई महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इस लिस्ट में कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद पुल, सऊदी-बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे और यूएई के शेख जायद ब्रिज जैसे नाम शामिल हैं।
मिडिल ईस्ट में महाजंग का खतरा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट
28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इजरायल पर भी ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने की खबरें हैं, जबकि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास अपनी चौकसी बढ़ा दी है। जानकारों का मानना है कि यदि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया, तो यह युद्ध पूरी दुनिया के लिए तेल संकट और आर्थिक मंदी का सबब बन सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम और ईरान के पलटवार पर टिकी हैं।