SBI के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनने की तैयारी! सेंट्रल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक होंगे एक, आपके खाते और पैसों का क्या होगा?

Post

बैंकिंग की दुनिया से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है, जो सीधे-सीधे देश के करोड़ों ग्राहकों से जुड़ी है। सरकार दो बड़े सरकारी बैंकों - सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक - को एक साथ मिलाने (Merger) की तैयारी कर रही है।

अगर यह विलय हो जाता है, तो इन दोनों को मिलाकर जो नया बैंक बनेगा, वह SBI के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा!

लेकिन जैसे ही विलय की खबर आती है, तो हम जैसे आम ग्राहकों के मन में हजारों सवाल उठने लगते हैं - "मेरे अकाउंट नंबर का क्या होगा?", "मेरी FD का क्या होगा?", "क्या मेरी चेकबुक बेकार हो जाएगी?"

घबराइए नहीं! आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि अगर यह विलय होता है, तो आपकी बैंकिंग पर इसका क्या असर पड़ेगा।

आपके अकाउंट, चेकबुक और पैसों पर क्या होगा असर?

1. क्या मेरा अकाउंट नंबर और कस्टमर ID बदल जाएगा?

हाँ, बदल सकता है। जब दो बैंक मिलते हैं, तो आमतौर पर छोटे बैंक के ग्राहकों को बड़े बैंक के सिस्टम में शिफ्ट कर दिया जाता है। ऐसे में आपको एक नया अकाउंट नंबर और नई कस्टमर आईडी मिल सकती है।
लेकिन चिंता न करें: बैंक आपको इसके लिए पूरा समय देगा और SMS और ईमेल के जरिए इसकी सूचना पहले ही दे देगा।

2. क्या पुरानी चेकबुक और पासबुक बेकार हो जाएगी?

हाँ, एक तय समय के बाद। विलय के बाद, आपको नए बैंक के नाम और लोगो वाली नई चेकबुक और पासबुक लेनी होगी। हालांकि, आपकी पुरानी पासबुक में दर्ज सारे पुराने लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

3. IFSC और MICR कोड का क्या होगा? (यह सबसे जरूरी है!)

यह जरूर बदलेगा। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए IFSC कोड सबसे जरूरी होता है। विलय के बाद आपकी ब्रांच का IFSC कोड भी बदल जाएगा।
क्या करना होगा: अगर आपने अपना बैंक खाता इनकम टैक्स, म्यूचुअल फंड (SIP), बीमा पॉलिसी या किसी और जगह दे रखा है, तो आपको वहां जाकर नया IFSC कोड अपडेट कराना होगा, वरना आपका पैसा अटक सकता है।

4. मेरी FD और लोन की EMI का क्या होगा?

इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

  • आपकी पुरानी FD पर आपको उतना ही ब्याज मिलता रहेगा, जितना वादा किया गया था।
  • आपके पुराने लोन की EMI भी उतनी ही रहेगी और पुरानी शर्तों पर ही चलती रहेगी।
    हाँ, अगर आप कोई नई FD कराएंगे या नया लोन लेंगे, तो उस पर नए बैंक की ब्याज दरें लागू होंगी।

5. मेरे ATM/डेबिट कार्ड का क्या होगा?

आपका मौजूदा ATM और डेबिट कार्ड उसकी एक्सपायरी डेट तक काम करता रहेगा। जब वह एक्सपायर होगा, तो आपको नए बैंक के नाम वाला नया कार्ड मिलेगा।

सरकार यह विलय कर क्यों रही है?
इसका मकसद है देश में कुछ बड़े और मजबूत बैंक बनाना, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला कर सकें। इससे बैंकों का खर्चा कम होता है और वे ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे पाते हैं।

आपको क्या करना है?
अभी आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। बस अपने बैंक से आने वाले SMS और ईमेल पर नजर रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।