बिहार में फ्लोर टेस्ट के बाद बड़े फेरबदल की तैयारी संजय सरावगी ने दिए कैबिनेट विस्तार के संकेत
News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालने और विश्वास मत (Floor Test) हासिल करने के बाद अब सबकी नजरें नई कैबिनेट के विस्तार पर टिकी हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आने वाले दिनों में बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलावों के स्पष्ट संकेत दिए हैं। 'लाइव हिंदुस्तान' की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है, जिसमें नए चेहरों को मौका मिलने और विभागों के बंटवारे में बड़ा फेरबदल होने की संभावना है।
संजय सरावगी के 'संकेत' और नई रणनीति
भाजपा के कद्दावर नेता संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अब एक नए परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
भाजपा का बढ़ता कद: सरावगी के अनुसार, चूंकि बिहार में पहली बार भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री बना है, इसलिए कैबिनेट में भी पार्टी की विचारधारा और विकास के एजेंडे को प्राथमिकता दी जाएगी।
परफॉर्मेंस आधारित पद: चर्चा है कि मंत्रियों के चयन में इस बार 'परफॉर्मेंस' और 'क्षेत्रीय समीकरण' को सबसे ऊपर रखा जाएगा। पुराने चेहरों के साथ-साथ युवाओं को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
कैबिनेट विस्तार में क्या होगा खास?
बिहार विधानसभा (243 सीटें) के नियमों के अनुसार, अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में सम्राट चौधरी के साथ केवल कुछ ही मंत्रियों ने शपथ ली है, जिससे कई महत्वपूर्ण विभाग खाली हैं।
विभागों का पुनर्गठन: गृह, वित्त और स्वास्थ्य जैसे बड़े विभागों के लिए अनुभवी नेताओं के नाम रेस में हैं।
गठबंधन का संतुलन: जदयू (JDU) और हम (HAM) जैसे सहयोगी दलों के साथ तालमेल बिठाते हुए भाजपा अपने वेटेज को बढ़ाने की कोशिश करेगी।
सम्राट चौधरी सरकार का अगला कदम
15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था और सरकारी कामकाज में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। संजय सरावगी के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि नई सरकार अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में है और जल्द ही बिहार को एक पूर्ण और मजबूत कैबिनेट मिलेगी।