नीतीश के इस मंत्री के लिए प्रशांत किशोर ने बिछाई बिसात, RJD भी लगा रही सेंध, क्या अमनौर में होगा खेला
News India Live, Digital Desk : बिहार की सारण लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली अमनौर विधानसभा, जो कभी राजपूत राजनीति का एक मजबूत गढ़ मानी जाती थी, अब एक त्रिकोणीय राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा बनती जा रही है। एक तरफ जहां बिहार सरकार में मंत्री और स्थानीय विधायक कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) की जन सुराज पार्टी ने उनकी राह में कांटे बिछाने शुरू कर दिए हैं।
RJD और जन सुराज ने कसी कमर
2015 और 2020 में लगातार दो बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीत चुके मंटू सिंह इस बार नीतीश कुमार कैबिनेट का हिस्सा हैं और उनकी दावेदारी को बेहद मजबूत माना जा रहा है। लेकिन इस बार RJD और जन सुराज, दोनों ही इस सीट पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। RJD इस परंपरागत सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार की तलाश में है, तो वहीं प्रशांत किशोर ने भी अमनौर में अपनी सक्रियता काफी बढ़ा दी है। पीके लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और मंटू सिंह के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
"कौन प्रशांत किशोर? मैं नहीं जानता" - गरजे मंटू सिंह
जब मंत्री मंटू सिंह से प्रशांत किशोर की चुनौती के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "कौन हैं प्रशांत किशोर? मैं किसी पीके-वीके को नहीं जानता। वह किसके लिए काम करते हैं और उनका क्या एजेंडा है, यह बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है।" मंटू सिंह ने प्रशांत किशोर को सीधी चुनौती देते हुए कहा, "अगर उनमें इतनी ही हिम्मत है तो इस बार खुद अमनौर के मैदान में उतरकर देख लें, जनता उन्हें उनकी असलियत बता देगी।"
नीतीश कुमार और भाजपा का साथ, सबसे बड़ी ताकत
मंटू सिंह ने कहा कि RJD का इस क्षेत्र में कोई जनाधार नहीं बचा है और प्रशांत किशोर सिर्फ वोट काटने का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया, "हमारी सबसे बड़ी ताकत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विकास और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम है। जनता विकास के नाम पर वोट देगी, किसी बहकावे में नहीं आएगी।"
अमनौर का चुनावी गणित
अमनौर विधानसभा क्षेत्र परंपरागत रूप से एनडीए का गढ़ रहा है, खासकर यहां राजपूत मतदाताओं का खासा प्रभाव है, जो मंटू सिंह का मुख्य वोट बैंक माना जाता है। हालांकि, प्रशांत किशोर भी इसी समुदाय से आते हैं, इसलिए वह इस वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश कर सकते हैं। वहीं, RJD यादव और मुस्लिम मतदाताओं के अपने परंपरागत समीकरण के साथ एनडीए को कड़ी टक्कर देने की रणनीति पर काम कर रही है।
आने वाले दिनों में अमनौर का सियासी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है, जहां एक तरफ मंत्री मंटू सिंह के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी, तो वहीं RJD और प्रशांत किशोर उनके किले को ध्वस्त करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।