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April 12 2026 05:24 pm

मालेगांव ब्लास्ट केस में क्लीन चिट के बाद प्रसाद पुरोहित को मिला बड़ा सम्मान, सेना ने बनाया ब्रिगेडियर

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News India Live, Digital Desk: भारतीय सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित के लिए न्याय की लंबी लड़ाई एक सुखद पड़ाव पर पहुंच गई है। मालेगांव बम विस्फोट मामले में अदालती कार्यवाही और आरोपों के लंबे दौर से गुजरने के बाद, सेना ने उन्हें पदोन्नत कर 'ब्रिगेडियर' रैंक की जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला तब आया है जब पुरोहित को हाल ही में गंभीर आरोपों से बरी किया गया था, जिसके बाद उनके करियर में लगा 'इंतजार' का विराम अब समाप्त हो गया है।

न्याय की जीत और सेना का भरोसा

प्रसाद पुरोहित पिछले करीब डेढ़ दशक से कानूनी और विभागीय चुनौतियों का सामना कर रहे थे। मालेगांव ब्लास्ट केस में नाम आने के बाद वे लंबे समय तक जेल में भी रहे और निलंबित भी रहे। हालांकि, अदालत द्वारा मामले में साक्ष्यों के अभाव और अन्य तकनीकी पहलुओं को देखते हुए उन्हें बड़ी राहत मिली थी। अब सेना ने उनकी वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए उन्हें ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नति (Promotion) दी है, जो उनके लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।

करियर में लगा था 16 साल का 'ब्रेक'

लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर रहते हुए विवादों में घिरे पुरोहित के प्रमोशन पर कई सालों से रोक लगी हुई थी। सैन्य नियमों के अनुसार, किसी भी अनुशासनात्मक या अदालती कार्रवाई के लंबित रहने तक पदोन्नति रोक दी जाती है। बरी होने के बाद पुरोहित ने अपने हक की मांग की थी, जिसे रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय ने हरी झंडी दे दी। इस पदोन्नति के साथ ही वे अब सैन्य नेतृत्व की अगली पंक्ति में शामिल हो गए हैं।

क्या था पूरा मामला?

साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम विस्फोटों में प्रसाद पुरोहित को मुख्य आरोपियों में से एक बनाया गया था। उन पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप थे। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, विशेष अदालतों ने पाया कि उनके खिलाफ लगाए गए कई आरोप साबित नहीं हो सके। अब ब्रिगेडियर के रूप में उनकी नई पारी को उनके समर्थकों और परिवार के लिए न्याय की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।