कड़ी मेहनत के बाद भी खाली रहती है जेब? आचार्य चाणक्य के ये 4 कड़वे सच गरीबी को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे
News India Live, Digital Desk : आज के दौर में पैसा कमाना जितना ज़रूरी है, उसे संभलकर रखना और बढ़ाना उससे कहीं ज्यादा मुश्किल। आपने देखा होगा कि कई लोग दिन-रात पसीना बहाते हैं, फिर भी महीने के अंत में उनकी जेब खाली रहती है। वहीं कुछ लोग कम मेहनत में भी अपनी ज़रूरतें आराम से पूरी कर लेते हैं। आख़िर ये फ़र्क क्यों है?
करीब दो हज़ार साल पहले आचार्य चाणक्य ने अर्थशास्त्र और समाज के ऐसे गूढ़ नियम बताए थे, जो आज भी आपकी फ़ाइनेंशियल आज़ादी की चाबी बन सकते हैं। आइये जानते हैं कि वो क्या कहते हैं:
1. ज्यादा मीठा होना भी खतरनाक है
चाणक्य कहते थे कि "जंगल में सबसे पहले सीधे पेड़ काटे जाते हैं।" अगर आप स्वभाव से बहुत ज्यादा भोले या सीधे हैं, तो लोग आपकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाएंगे। अगर आप किसी को पैसा उधार दे रहे हैं या कहीं निवेश कर रहे हैं, तो वहां भावनाएं नहीं बल्कि दिमाग लगायें। चालाकी और समझदारी ही आपकी लक्ष्मी की रक्षा करती है।
2. दिखावे के लिए पैसा मत लुटाएं
एक बहुत पुरानी मगर काम की बात "आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया" कभी सुखी नहीं रहने देता। चाणक्य के मुताबिक, जो व्यक्ति अपनी हैसियत दिखाने के लिए महँगी चीज़ें या विलासिता (Luxuries) पर पैसा लुटाता है, उसके पास लक्ष्मी कभी नहीं टिकती। पैसे की इज्ज़त करेंगे, तो ही पैसा आपकी इज़्ज़त बढ़ाएगा। संकट के समय के लिए बचाकर रखा गया पैसा ही आपका सबसे बड़ा मित्र होता है।
3. अनुशासन और सही वक्त की पहचान
कुबेर देव की कृपा सिर्फ़ उन्हीं पर होती है जो समय के पाबंद हैं। आलस इंसान की सफलता का सबसे बड़ा दुश्मन है। चाणक्य नीति के अनुसार, जो इंसान सुबह देर तक सोता है, अपने कामों को कल पर टालता है और साफ-सफाई नहीं रखता, उसके घर से खुशहाली धीरे-धीरे विदा लेने लगती है। अनुशासन सिर्फ़ फौजियों के लिए नहीं, पैसे बनाने वाले बिजनेसमैन और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी सबसे पहला हथियार है।
4. मधुर वाणी ही आपकी पूंजी है
आपकी जुबान तय करती है कि आपके पास ग्राहक आएंगे या आपसे दूर भागेंगे। कटु शब्द या दूसरों का अपमान करने वालों से सफलता कोसों दूर रहती है। कड़वे बोल बोलने वालों के घर कभी लक्ष्मी नहीं टिकतीं। याद रखें, जो मीठा बोलता है और सबका सम्मान करता है, उसके पास रास्ते अपने आप खुलते चले जाते हैं।