CPEC India's Stand : SCO समिट में पीएम मोदी का कड़ा संदेश, पाकिस्तान को आतंक पर घेरा, चीन को संप्रभुता की दिलाई याद
News India Live, Digital Desk: CPEC India's Stand : तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर तस्वीरें तो गर्मजोशी भरी थीं, लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोलना शुरू किया, तो उनके शब्दों ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया कि भारत अपने मुख्य मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा। एक ही भाषण में, पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को आतंकवाद पर जमकर घेरा और मेजबान चीन को संप्रभुता का सम्मान करने की नसीहत दे डाली।
पाकिस्तान को सीधा संदेश: 'आतंक पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा'
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे को पूरी मुखरता से उठाया। उन्होंने हाल ही में हुए दर्दनाक पहलागाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि इंसानियत में यकीन रखने वाले हर देश और हर व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती है।”
पीएम मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल किया कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद को दिया जा रहा खुला समर्थन दुनिया को स्वीकार्य हो सकता है?उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद से लड़ने में किसी भी तरह کا दोहरा मापदंड नहीं चलेगा और हमें इसके हर रूप का मिलकर विरोध करना होगा। यह एक ऐसा सीधा संदेश था, जिसका निशाना स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान की तरफ था।
चीन को उसी की धरती पर संप्रभुता का पाठ
आतंकवाद पर बोलने के बाद पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी यानी संपर्क मार्गों के मुद्दे पर चीन को एक अहम संदेश दिया। उन्होंने चीन के महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) पर भारत की आपत्ति को फिर से दोहराया, हालांकि उन्होंने इसका नाम नहीं लिया।
पीएम मोदी ने कहा, “कनेक्टिविटी जो किसी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को दरकिनार करती है, वह विश्वास और सार्थकता दोनों खो देती है।” उनका यह बयान सीधे तौर पर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर था, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है, जिसे भारत अपना अभिन्न अंग मानता है। पीएम मोदी ने भारत के अपने कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स जैसे कि चाबहार पोर्ट और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का भी उल्लेख किया, जो आपसी सम्मान पर आधारित हैं।
संक्षेप में, SCO के मंच से पीएम मोदी ने दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत दोस्ती और सहयोग का हाथ बढ़ाने को तैयार है, लेकिन यह दोस्ती भारत की सुरक्षा और संप्रभुता की कीमत पर नहीं हो सकती। उन्होंने आतंकवाद और संप्रभुता पर भारत के रुख को मजबूती से रखा, जो दिखाता है कि भारत वैश्विक मंचों पर अपनी शर्तों पर संवाद करने में विश्वास रखता है।