PM Modi on Global Trade & Defence: 'दबाव में नहीं, अपनी शर्तों पर दुनिया से व्यापार कर रहा भारत'—पीएम मोदी ने राहुल गांधी के आरोपों को नकारा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वैश्विक निवेशकों और देश की जनता को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक शक्ति का खाका पेश किया। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार समझौतों पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आज का भारत किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर वैश्विक कूटनीति का संचालन कर रहा है। उन्होंने रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी और एआई (AI) के भविष्य को लेकर भी सरकार का विजन साझा किया।

राहुल गांधी के 'सरेंडर' वाले आरोप पर पलटवार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों में 'घुटने टेक' दिए हैं। इस पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:

38 देशों के साथ डील: भारत ने सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया के 38 देशों के साथ अपनी शर्तों पर मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।

MSME को मजबूती: इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य कपड़ा, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प और आभूषण जैसे क्षेत्रों में हमारे लघु उद्योगों (MSMEs) के लिए वैश्विक बाजार खोलना है।

राजनीतिक स्थिरता: पीएम ने कहा कि देश में बनी राजनीतिक स्थिरता ने ही वैश्विक निवेशकों का भरोसा भारत पर बढ़ाया है।

बजट 2026-27: विकास का 'लॉन्ग टर्म' रोडमैप

प्रधानमंत्री ने बजट को केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश के भविष्य का खाका बताया। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:

पूंजीगत व्यय (Capex): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 2013 की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है।

निर्यात में रिकॉर्ड: भारतीय उत्पादों ने वैश्विक बाजार में अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो 'मेक इन इंडिया' की सफलता को दर्शाता है।

ऑपरेशन सिंदूर और रक्षा बजट में 15% की बढ़ोतरी

पिछले साल पाकिस्तान के साथ हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद, सरकार ने रक्षा क्षेत्र की सुरक्षा दीवार को और मजबूत करने का फैसला किया है।

ऐतिहासिक आवंटन: इस साल का रक्षा बजट बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है (15% की वृद्धि)।

आधुनिकीकरण: पीएम ने कहा कि बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों के बीच हमारी सेनाओं का आधुनिकीकरण जरूरी है। रक्षा क्षेत्र पर खर्च अगले वर्ष 28% बढ़कर 2.3 लाख करोड़ रुपये (पूंजीगत व्यय के रूप में) तक पहुंच जाएगा।

पाकिस्तान पर रुख: युद्ध के खतरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हमारी सेनाएं हर संभव कदम उठाएंगी।

भारत बनेगा ग्लोबल AI हब: विश्व का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन

दिल्ली में होने वाले 'विश्व के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन' (Global AI Summit) का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भारत कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है। सरकार का लक्ष्य भारत को एआई पारिस्थितिकी तंत्र (AI Ecosystem) में दुनिया का नेतृत्वकर्ता बनाना है।

अगले दशक के 3 मुख्य स्तंभ (Priorities)

प्रधानमंत्री ने आने वाले 10 वर्षों के लिए सुधारों की तीन प्राथमिकताएं गिनाईं:

संरचनात्मक सुधार (Structural Reforms): अर्थव्यवस्था के ढांचे को आधुनिक बनाना।

गहन नवाचार (Deep Innovation): रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर जोर।

सरलीकृत शासन (Simplified Governance): सरकारी प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाना।