महिला आरक्षण पर आर-पार संसद में बिल गिरने के बाद आज रात राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं PM मोदी
News India Live, Digital Desk: देश की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। महिला आरक्षण को लेकर लाए गए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (संशोधन विधेयक) के संसद में गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण विधेयक के पारित न हो पाने पर अपनी बात रखेंगे और देश की 'नारी शक्ति' को सरकार के अगले कदम के बारे में आश्वस्त करेंगे। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, संसद के विशेष सत्र में मचे घमासान के बाद पीएम का यह संबोधन बेहद अहम माना जा रहा है।
संसद में क्या हुआ? क्यों गिरा ऐतिहासिक विधेयक
शुक्रवार (17 अप्रैल) को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण गिर गया। सदन में वोटिंग के दौरान पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 सदस्यों ने मतदान किया। विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और राहुल गांधी ने इस बिल को 'जनसंख्या परिसीमन' से जोड़ने का कड़ा विरोध किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इसके जरिए दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों की राजनीतिक ताकत कम करना चाहती है। बहुमत की कमी के कारण बिल के गिरते ही सदन को शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
विपक्ष पर हमलावर हो सकते हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने वोटिंग से पहले सभी दलों से संवेदनशीलता दिखाने और इतिहास रचने की अपील की थी। बिल गिरने को सरकार एक 'बड़े अवसर के हाथ से निकल जाने' के तौर पर देख रही है। आज रात होने वाले संभावित संबोधन में पीएम मोदी विपक्षी दलों की भूमिका और महिलाओं के हक में अड़ंगा डालने के आरोपों पर सीधा हमला बोल सकते हैं। भाजपा इसे आने वाले चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
2029 में लागू करने का था लक्ष्य
गौरतलब है कि सरकार इस विधेयक के जरिए 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का रोडमैप तैयार कर रही थी। 13 अप्रैल को हुए 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में भी पीएम मोदी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। हालांकि, परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर विपक्ष के अडिग रहने से यह प्रक्रिया फिलहाल रुकती नजर आ रही है।
सुरक्षा और बढ़ती सियासी हलचल
राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज है। शनिवार सुबह से ही संसद भवन में दोबारा चर्चा शुरू हुई है, लेकिन बिल के भविष्य पर छाए संकट के बाद अब सबकी निगाहें प्रधानमंत्री के आज रात होने वाले संबोधन पर टिकी हैं। क्या पीएम किसी नए अध्यादेश या वैकल्पिक रास्ते की घोषणा करेंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।