PM Kisan Samman Nidhi Registration :PM-Kisan योजना से नहीं मिला पैसा? UP सरकार ने शुरू किया 'लाभार्थी संतृप्तीकरण महाभियान'

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PM Kisan Samman Nidhi Registration: उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी है। अगर आप एक योग्य किसान हैं, लेकिन किसी भी कारण से आपको अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, या आपकी किस्तें बीच में ही रुक गई हैं, तो अब आपकी सारी समस्याओं का समाधान होने वाला है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में एक विशाल 'पीएम किसान लाभार्थी संतृप्तीकरण महाभियान' चलाने का ऐलान किया है।

यह महाभियान एक 'मिशन मोड' में चलाया जाएगा, जिसका एकमात्र और सीधा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का एक भी पात्र किसान इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। इस अभियान के तहत, न केवल नए किसानों का पंजीकरण किया जाएगा, बल्कि पुराने लाभार्थियों के डाटा में मौजूद हर छोटी-बड़ी गलती को भी घर-घर जाकर सुधारा जाएगा। तो चलिए, विस्तार से जानते हैं इस महाभियान के बारे में और आप कैसे इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं।

 

क्या है यह 'महाभियान' और इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी?

पीएम-किसान योजना केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसके तहत देश के किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में लाखों किसान ऐसे हैं जो पात्र होते हुए भी जानकारी के अभाव, दस्तावेजों में त्रुटि या तकनीकी समस्याओं के कारण इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं।

इन्हीं समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए योगी सरकार ने इस 'संतृप्तीकरण महाभियान' की शुरुआत की है। 'संतृप्तीकरण' (Saturation) का मतलब है लक्ष्य को 100% पूरा करना। यानी, हर एक पात्र किसान को योजना से जोड़ना।

 

इस महाभियान में आपके कौन-कौन से काम होंगे?

यह अभियान सिर्फ नए पंजीकरण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पीएम-किसान से जुड़ी हर समस्या का 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' है। इस दौरान, सरकारी कर्मचारी आपके गांव और घर तक पहुंचकर ये सभी काम निपटाएंगे:

1. नए किसानों का पंजीकरण (New Farmer Registration):
जो किसान अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, वे मौके पर ही अपना नया रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।

2. ई-केवाईसी (e-KYC) कराना:
यह सबसे महत्वपूर्ण काम है। सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उनकी किस्तें रोक दी जाएंगी। इस कैंप में आप बायोमेट्रिक तरीके से अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकेंगे।

3. बैंक खाते को आधार से लिंक कराना (Aadhaar Seeding):
पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आए, इसके लिए आपका बैंक अकाउंट NPCI से लिंक होना चाहिए। इस काम में भी आपकी मदद की जाएगी।

4. भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन (Land Record Verification):
कई किसानों की किस्तें इसलिए रुकी हुई हैं क्योंकि उनके जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी) का सत्यापन नहीं हो पाया है। लेखपाल और कृषि विभाग के कर्मचारी मौके पर ही इन रिकॉर्ड्स का सत्यापन करेंगे।

5. डाटा में सुधार:
अगर आपके आधार कार्ड और पीएम-किसान के आवेदन में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या पते में कोई अंतर है, तो उसे भी ठीक किया जाएगा।

 

कैसे उठाएं इस महाभियान का पूरा लाभ?

इस अभियान को सफल बनाने के लिए राजस्व विभाग (लेखपाल), ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, कृषि विभाग और डाक विभाग (Post Office) मिलकर काम कर रहे हैं।

  • अपने दस्तावेज़ तैयार रखें: इस अभियान का पूरा फायदा उठाने के लिए, आप अपने सभी जरूरी दस्तावेज़ तैयार रखें, जैसे कि:
    • आधार कार्ड
    • बैंक की पासबुक
    • जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी की नकल)
    • मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो
  • अपने लेखपाल या कृषि सहायक से संपर्क करें: जैसे ही आपके गांव में यह कैंप लगे, बिना देरी किए वहां जाएं। आप पहले से ही अपने क्षेत्र के लेखपाल या कृषि विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करके कैंप की तारीख और समय के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
  • डाकघरों में भी मिलेगी सुविधा: इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से डाकघर भी घर-घर जाकर ई-केवाईसी और बैंक खाता खोलने जैसी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।

यह योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में उठाया गया एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम ਹੈ। यह उन सभी किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो छोटी-छोटी गलतियों की वजह से 6,000 रुपये की इस सम्मान राशि से वंचित थे। इस मौके को हाथ से न जाने दें और आज ही अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त कराकर इस महाभियान का हिस्सा बनें।