PM Kisan 22nd installment: क्या किराये पर खेती करने वालों को मिलेंगे ₹2000? सरकार ने नियम किए साफ, करोड़ों किसान ध्यान दें!
नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसान पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त पाने के बाद अब बेसब्री से अगली यानी 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। खेती के छोटे-बड़े खर्चों में मदद करने वाली यह योजना अन्नदाताओं के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा है। लेकिन, इस बीच एक बड़ा सवाल यह है कि क्या उन किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा जो दूसरों के खेतों में मेहनत करते हैं? आइए जानते हैं कि बटाईदार या किराए पर खेती करने वाले किसानों को लेकर सरकार के नियम क्या कहते हैं।
बटाई पर खेती करने वालों को क्यों नहीं मिलेंगे पैसे? नियम समझें
ग्रामीण भारत में एक बहुत बड़ा वर्ग उन किसानों का है जो दूसरों की जमीन पर फसल उगाते हैं, जिसे बटाईदारी या हिस्सेदारी पर खेती कहते हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि जब मेहनत ये किसान करते हैं, तो क्या 22वीं किस्त के ₹2000 इन्हें मिलेंगे? सरकारी नियमों के अनुसार, इसका सीधा जवाब है- नहीं। पीएम किसान योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिल सकता है, जिनके नाम पर खेती योग्य भूमि सरकारी रिकॉर्ड यानी राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में दर्ज है। चूंकि बटाईदार किसान जमीन के मालिक नहीं होते, इसलिए वे तकनीकी रूप से इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
सोशल मीडिया की अफवाहों से रहें सावधान, सिर्फ 'भू-स्वामी' ही हैं हकदार
इन दिनों सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि सरकार अब बिना जमीन वाले किसानों को भी पीएम किसान का पैसा देगी, लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा है। किसानों को यह स्पष्ट रूप से समझना होगा कि इस योजना की सबसे पहली और अनिवार्य शर्त ‘भू-स्वामित्व’ (Land Ownership) है। यानी, जमीन का मालिक होना जरूरी है। शुरुआत में यह योजना केवल छोटे किसानों के लिए थी, जिसे बाद में सभी भूमिधारक किसानों के लिए खोल दिया गया, लेकिन जमीन का आपके नाम पर होना आज भी सबसे जरूरी नियम है।
22वीं किस्त पाने के लिए तुरंत निपटा लें ये 2 जरूरी काम
पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि अगली किस्त का पैसा अटक न जाए। अनुमान है कि सरकार 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट के बाद ही अगली किस्त जारी करेगी। पैसा बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, इसके लिए ये दो काम तुरंत पूरे कर लें:
- ई-केवाईसी (e-KYC): जिन किसानों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनकी किस्त रुक सकती है। आप अपने नजदीकी CSC सेंटर जाकर या पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर इसे पूरा कर सकते हैं।
- भू-सत्यापन (Land Verification): अपने कृषि रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन यानी लैंड वेरिफिकेशन करवाना भी अनिवार्य है। इसके लिए आप अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं।
इन दोनों प्रक्रियाओं के अधूरे रहने पर, पात्र होते हुए भी आपकी 22वीं किस्त का पैसा अटक सकता है।