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March 21 2026 05:20 am

Pitru Paksha 2025 : घर में भूलकर भी न लाएं ये 5 सब्जियां, वरना पितर हो जाएंगे नारा

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News India Live, Digital Desk: Pitru Paksha 2025 :  अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करने का समय, पितृपक्ष जल्द ही शुरू होने वाला है. हिंदू धर्म में इन 15-16 दिनों को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान हमारे पितर धरती पर आते हैं और अपने परिवार के लोगों से अन्न-जल की उम्मीद रखते हैं. इसीलिए इन दिनों में श्राद्ध, तर्पण और दान का विशेष महत्व है ताकि पितरों की आत्मा को शांति मिले और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहे.

पितृपक्ष सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि संयम और अनुशासन का भी समय है. इस दौरान खान-पान को लेकर कुछ खास नियम बनाए गए हैं. शास्त्रों के अनुसार, कुछ सब्जियों और खाद्य पदार्थों को खाना पूरी तरह से वर्जित माना गया है. कहा जाता है कि इन चीजों का सेवन करने से पितर नाराज हो सकते हैं और व्यक्ति को पितृ दोष का भागी बनना पड़ सकता है.

आइए जानते हैं उन 5 प्रमुख सब्जियों के बारे में, जिन्हें आपको पितृपक्ष के दौरान अपने किचन से बिल्कुल दूर रखना चाहिए.

1. लहसुन और प्याज

लहसुन और प्याज को तामसिक भोजन की श्रेणी में रखा गया है. इनकी तासीर गर्म होती है और ये व्यक्ति के मन में उत्तेजना और अशुद्ध विचार पैदा कर सकते हैं. क्योंकि पितृपक्ष श्रद्धा और सात्विकता का समय है, इसलिए इन दोनों चीजों का सेवन पूजा-पाठ और श्राद्ध के भोजन में पूरी तरह से वर्जित है.

2. मूली

मूली जमीन के अंदर उगती है और इसे अशुद्ध माना जाता है. साथ ही इसकी तासीर भी ठंडी होती है और यह कई तरह के दोष पैदा कर सकती है. यही वजह है कि पितरों को भोग लगाए जाने वाले भोजन या श्राद्ध कर्म के दौरान ब्राह्मणों को खिलाए जाने वाले भोजन में मूली का इस्तेमाल नहीं किया जाता.

3. बैंगन

बैंगन को भी शास्त्रों में रजोगुणी और अशुद्ध माना गया है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, इसमें कीड़े भी अधिक होते हैं. इसे पितरों के लिए बनाए जाने वाले भोजन के लिए शुभ नहीं माना जाता. इसलिए, श्राद्ध पक्ष के दौरान बैंगन खाने से बचना चाहिए.

4. अरबी और जिमीकंद (सूरन)

ये दोनों सब्जियां भी जमीन के नीचे उगती हैं और इन्हें अशुद्ध माना जाता है. श्राद्ध कर्म के भोजन में इन सब्जियों का उपयोग नहीं करना चाहिए. पितरों को अर्पित किया जाने वाला भोजन पूरी तरह से सात्विक और शुद्ध होना चाहिए, इसलिए इन सब्जियों से दूरी बनाना ही बेहतर है.

5. मसूर की दाल

सब्जियों के अलावा दालों में मसूर की दाल को पितृपक्ष में खाना सख्त मना है. इसका संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है जो स्वभाव में उग्रता लाता है. श्राद्ध कर्म में शांति और सौम्यता की ज़रूरत होती है, इसलिए मसूर दाल का प्रयोग अशुभ माना जाता है.

तो फिर क्या खाना चाहिए?
पितृपक्ष में आप लौकी, तोरई, सीताफल (कद्दू), खीरा, आलू और परवल जैसी सात्विक सब्जियों का सेवन कर सकते हैं.

इस पितृपक्ष में इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप न केवल पितरों का सम्मान कर पाएंगे, बल्कि उनके आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी ला सकेंगे.