Pilloo AI : अब बिना कंप्यूटर छुए बनेगा पक्का बिल भारत का पहला बोलने वाला मुनीम लॉन्च

Post

News India Live, Digital Desk : क्या आपने कभी सोचा है कि आप सिर्फ अपनी भाषा में बोलेंगे और आपका इनवॉइस, बैलेंस शीट और जीएसटी रिटर्न खुद-ब-खुद तैयार हो जाएगा? डिजिटल इंडिया के सफर में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होते हुए Pilloo AI लॉन्च हो गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में इस एआई एजेंट का उद्घाटन किया, जो छोटे व्यापारियों (MSMEs) के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

क्या है Pilloo AI और यह कैसे काम करता है?

पिल्लू एआई भारत का पहला वॉयस-आधारित (Voice-based) बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म है। इसे आंध्र प्रदेश स्थित एक स्टार्टअप ने विकसित किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको अकाउंटिंग की बारीकियां सीखने या कंप्यूटर पर एक्सेल शीट भरने की जरूरत नहीं है। बस ऐप खोलें और बोलें—जैसे आप अपने किसी कर्मचारी या मुनीम से बात कर रहे हों।

Pilloo AI की 5 बड़ी खूबियां:

अपनी भाषा में करें बात: फिलहाल यह ऐप 5 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिसे जल्द ही 50 भाषाओं तक बढ़ाया जाएगा। आप हिंदी, तेलुगु या अपनी स्थानीय भाषा में कमांड देकर हिसाब रख सकते हैं।

बोलकर बनाएं इनवॉइस: "10 किलो चावल, 50 रुपये के हिसाब से सुरेश को बेचें"—बस इतना बोलते ही ऐप तुरंत पक्का बिल जनरेट कर देगा।

ऑटोमैटिक डेटा एक्सट्रैक्शन: अगर आपके पास कोई पुराना बिल या बैंक स्टेटमेंट है, तो बस उसकी फोटो अपलोड करें। एआई खुद ही जरूरी डेटा निकाल कर आपके खातों में दर्ज कर देगा।

रियल-टाइम रिपोर्ट्स: आपको कब किससे कितना पैसा लेना है (Receivables) और किसे देना है (Payables), इसकी पूरी लिस्ट सिर्फ एक वॉयस कमांड पर आपके सामने होगी।

कोई टेक्निकल झंझट नहीं: इस ऐप को उन दुकानदारों के लिए बनाया गया है जो स्मार्टफोन तो चलाते हैं लेकिन भारी-भरकम अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर से डरते हैं।

दुकानदारों को क्या होगा फायदा?

भारत में करोड़ों छोटे व्यापारी आज भी हाथ से बही-खाता लिखते हैं, जिससे गलती होने की संभावना रहती है। पिल्लू एआई न केवल समय बचाता है बल्कि वित्तीय पारदर्शिता (Transparency) भी लाता है। इससे छोटे व्यापारियों के लिए बैंक लोन लेना और टैक्स फाइल करना काफी आसान हो जाएगा।