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March 16 2026 01:04 am

बिहार में गैस संकट के बीच फंसी जनता हेल्पलाइन नंबर हुआ नॉट रीचेबल, रसोई गैस की किल्लत से हाहाकार

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News India Live, Digital Desk: बिहार के कई जिलों में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। एक तरफ जहां उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर गैस के लिए इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक हेल्पलाइन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। मुसीबत के समय में हेल्पलाइन नंबर का काम न करना उपभोक्ताओं के गुस्से को और भड़का रहा है।

हेल्पलाइन फेल: उपभोक्ता बोले- 'फोन उठाता ही नहीं कोई'

गैस रिफिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों को दूर करने के लिए बिहार सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग ने जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे, वे मौजूदा संकट के दौरान सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। पटना, मुजफ्फरपुर और गया जैसे शहरों से खबरें आ रही हैं कि हेल्पलाइन नंबर या तो 'नॉट रीचेबल' आ रहा है या फोन लगने पर कोई उसे रिसीव नहीं कर रहा है।

एजेंसियों पर सिलेंडर की कमी, कालाबाजारी जोरों पर

गैस वितरकों (Distributors) का कहना है कि पीछे से ही सप्लाई चेन में गड़बड़ी है, जिसके कारण बुकिंग के 10-15 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है। इस संकट का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं से तय कीमत से 200 से 300 रुपये ज्यादा वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आ रही है।

होटल और ढाबों का बढ़ा बोझ

सिलेंडर की कमी का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे होटल और ढाबों पर भी पड़ा है। कई जगहों पर गैस न मिलने के कारण चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए गैस कनेक्शन दिए गए, लेकिन अब रिफिलिंग के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।

क्या कर रहा है विभाग?

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से हेल्पलाइन में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, जिसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि, सप्लाई में आ रही रुकावट को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई है कि स्थिति कब तक सामान्य होगी। विभाग ने दावा किया है कि वे गैस कंपनियों के संपर्क में हैं और जल्द ही आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।