Paush Purnima 2026 : जनवरी के पहले हफ्ते में ही है सुख-समृद्धि का महायोग, जानें पवित्र स्नान और दान का सही समय
News India Live, Digital Des : आज 31 दिसंबर 2025 है, और हम सब नए साल के जश्न की तैयारी में डूबे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नए साल की शुरुआत के साथ ही सुख और समृद्धि का एक बड़ा दरवाजा खुलने वाला है? जी हाँ, जनवरी 2026 के पहले ही सप्ताह में 'पौष पूर्णिमा' पड़ रही है। आध्यात्मिक नजरिए से यह दिन आपके जीवन से नकारात्मकता को निकाल फेंकने और सकारात्मकता का संचार करने का सबसे अच्छा समय होता है।
पौष पूर्णिमा 2026: कब है यह पावन दिन?
हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 की पहली पौष पूर्णिमा 3 जनवरी, 2026 (शनिवार) को पड़ने की संभावना है। पूर्णिमा की तिथि 2 जनवरी की रात से ही शुरू हो जाएगी और 3 तारीख को पूरे दिन मान्य रहेगी। शनिवार का दिन और पूर्णिमा का संयोग इसे कर्मों के फल पाने के लिहाज से और भी प्रभावशाली बना देता है।
माँ लक्ष्मी को कैसे करें प्रसन्न? (अचूक उपाय)
अक्सर हम अपनी आर्थिक परेशानियों को लेकर चिंतित रहते हैं। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि पौष पूर्णिमा की रात माँ लक्ष्मी स्वयं भ्रमण पर निकलती हैं। इस दौरान कुछ छोटे से काम आपकी किस्मत बदल सकते हैं:
- चाँद की चांदनी में जल अर्पण: रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य (जल देना) जरूर दें। कोशिश करें कि पानी में थोड़ा सा कच्चा दूध और अक्षत (चावल) मिला लें। इससे मानसिक शांति तो मिलती ही है, साथ ही माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
- महालक्ष्मी का अभिषेक: पूर्णिमा की शाम माँ लक्ष्मी की प्रतिमा का दक्षिणवर्ती शंख से दूध और गंगाजल के साथ अभिषेक करें। ऐसा करने से घर में बरकत आती है और फिजूलखर्ची रुकती है।
- मुख्य द्वार पर घी का दीपक: आज की रात अपने घर के मुख्य दरवाजे पर घी का एक दीपक जरूर जलाएं। मान्यता है कि जलता हुआ दीपक माँ लक्ष्मी को घर के अंदर आने का रास्ता दिखाता है।
स्नान और दान का अद्भुत फल
पौष पूर्णिमा के दिन संगम या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने की पुरानी परंपरा है। अगर आप नदी तक नहीं जा सकते, तो घर में ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद गुड़, ऊनी कपड़े या तिल का दान किसी जरूरतमंद को करें। ये छोटे-छोटे दान आपके 'पुण्य खाते' को बढ़ा देते हैं।
बरतें ये कुछ सावधानियां
- पूर्णिमा के दिन घर में क्लेश या झगड़ा न करें।
- सात्विक भोजन ही अपनाएं (हो सके तो लहसुन-प्याज का परहेज करें)।
- बड़ों का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें, क्योंकि खुशहाल घर में ही लक्ष्मी का वास होता है।