पटना ALERT: बुखार तो 3 दिन में उतर रहा, पर हफ्तों पीछा नहीं छोड़ रही ये 'जिद्दी खांसी'! अस्पतालों में लगी लंबी कतारें

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क्या आपके घर में भी कोई सर्दी, तेज बुखार और ऐसी खांसी से परेशान है जो जाने का नाम ही नहीं ले रही? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। राजधानी पटना इस वक्त एक खतरनाक वायरल फ्लू की चपेट में है। शहर के सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक, हर जगह मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। आलम यह है कि IGIMS, PMCH और पटना AIIMS जैसे बड़े अस्पतालों में भी ओपीडी में मरीजों की भीड़ 40% तक बढ़ गई है।

डॉक्टरों के मुताबिक, इस बार का वायरल इंफेक्शन बेहद अलग और परेशान करने वाला है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बुखार तो पैरासिटामोल से तीन-चार दिन में उतर जाता है, लेकिन उसके बाद शुरू होती है 'जिद्दी खांसी', जो मरीजों को 7 से 10 दिनों, और कुछ मामलों में तो हफ्तों तक परेशान कर रही है। विशेषज्ञ इसे इन्फ्लूएंजा ए वायरस के उप-प्रकार H3N2 का असर मान रहे हैं, जिसकी निगरानी तेज कर दी गई है।

अस्पतालों में पैर रखने की जगह नहीं, बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

हालात इतने गंभीर हैं कि IGIMS के मेडिसिन विभाग में जहां आम दिनों में 400-450 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या 500 को पार कर गई है। इनमें से हर चौथा-पांचवां मरीज वायरल फ्लू का शिकार है।

सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति बच्चों को लेकर है। PMCH के शिशु रोग विभाग में रोज 100 से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से लगभग 40-45 बच्चों में वायरल फ्लू की पुष्टि हो रही है। बदलते मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ रहा है और वे तेजी से इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

डॉक्टरों की सबसे बड़ी चेतावनी: भूलकर भी खुद से न खाएं एंटीबायोटिक!

अगर आपको या आपके बच्चे को वायरल के लक्षण हैं, तो भूलकर भी किसी के कहने पर या खुद से एंटीबायोटिक दवाएं लेना शुरू न करें।
IGIMS के मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. सुधीर कुमार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यह एक वायरल संक्रमण है और वायरल पर एंटीबायोटिक का कोई असर नहीं होता। बेवजह एंटीबायोटिक खाने से आपके शरीर में 'दवा-प्रतिरोधक क्षमता' (Drug Resistance) बढ़ सकती है, जिससे भविष्य में जब आपको सच में इन दवाओं की जरूरत होगी, तो वे आपके शरीर पर काम ही नहीं करेंगी।

तो फिर क्या करें?

  • बुखार के लिए सिर्फ पैरासिटामोल का सेवन करें।
  • गले में आराम के लिए दिन में 2-3 बार भाप लें।
  • शरीर को डिहाइड्रेट न होने दें, खूब पानी और गर्म सूप पिएं।
  • जितना हो सके आराम करें, ताकि शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत मिले।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा कहर

पटना के घनी आबादी वाले इलाकों जैसे कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, बोरिंग रोड, राजीव नगर, दानापुर, कुर्जी और पटेल नगर में फ्लू का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों के क्लीनिक मरीजों से खचाखच भरे हुए हैं। हालात को देखते हुए कई स्कूलों ने भी एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जिन बच्चों को खांसी या बुखार है, उन्हें स्कूल न भेजें।

सावधानी ही इस वक्त सबसे बड़ा बचाव है। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, मास्क का प्रयोग करें और अगर तीन दिन से ज्यादा तेज बुखार बना रहता है या सांस लेने में तकलीफ होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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