Parliament Update: नियमों के बाहर कुछ भी मंजूर नहीं हंगामे पर भड़के स्पीकर ओम बिरला, विपक्षी सांसदों को दी सख्त नसीहत
News India Live, Digital Desk: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। गुरुवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और वेल (Well) तक पहुँच गए। सदन में लगातार हो रहे व्यवधान पर नाराजगी जताते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
ओम बिरला के संबोधन की प्रमुख बातें:
नियमों की सर्वोच्चता: स्पीकर ने स्पष्ट किया कि हर माननीय सदस्य को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह केवल निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत ही संभव है। उन्होंने कहा, "सदन में कोई भी नियम के विरुद्ध नहीं बोल सकता।"
जनता के प्रति जवाबदेही: ओम बिरला ने सांसदों को याद दिलाया कि देश की जनता ने उन्हें अपनी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए चुनकर भेजा है, न कि तख्तियां लहराने और नारेबाजी करने के लिए।
चर्चा के लिए तैयार: उन्होंने कहा कि आसन (Chair) सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सदन में शांति बनी रहे और सदस्य अपनी सीटों पर जाकर बैठें।
हंगामे की वजह: विपक्षी दल मुख्य रूप से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। सदन में गतिरोध इतना बढ़ गया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद जब शोर कम नहीं हुआ, तो स्पीकर को सदन की कार्यवाही स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
संसदीय गरिमा का सवाल: पिछले कुछ सत्रों से सदन में जिस तरह की अनुशासनहीनता देखी गई है, उस पर ओम बिरला लगातार चिंता जताते रहे हैं। आज की टिप्पणी यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले सांसदों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।