Parenting Tips for Memory : क्या आपका बच्चा भी बातें भूल जाता है? डांटें नहीं, रोज़ 10 मिनट खेलें ये 3 खेल
News India Live, Digital Desk: Parenting Tips for Memory :अभी तो बताया था, फिर भूल गए!", "इसका ध्यान ही नहीं लगता", “एक बात को दस बार बोलना पड़ता है”, अगर आप भी 5 साल से छोटे बच्चे के माता-पिता हैं, तो ये बातें शायद आपको अपनी ही लग रही होंगी। आजकल के दौर में जब बच्चों के आसपास मोबाइल और टीवी जैसे इतने सारे भटकाव मौजूद हैं, तो उनका ध्यान एक जगह लगाना और बातों को याद रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
हम सब चाहते हैं कि हमारे बच्चे का दिमाग तेज हो, उसकी याददाश्त अच्छी हो। इसके लिए हम उसे महंगी-महंगी क्लासेज भेजने या डांटने-डपटने के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे बच्चों का दिमाग डांट से नहीं, बल्कि प्यार और खेल से तेज होता है।
आपको कोई बड़ा काम नहीं करना है। बस अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में इन 3 आसान और मज़ेदार कामों को शामिल कर लीजिए, और फिर देखिए आपके बच्चे की याददाश्त कैसे तेज़ी से बढ़ने लगती है।
1. कहानी को एक 'खेल' बनाइए
सिर्फ कहानी पढ़कर सुना देना काफी नहीं है। कहानी को एक मज़ेदार खेल बनाइए। जब आप बच्चे को कोई कहानी सुनाएं, तो बीच-बीच में उससे छोटे-छोटे सवाल पूछें। जैसे, "अच्छा बताओ, भालू ने बंदर से क्या कहा था?" या "फिर शेर कहाँ छिप गया था?" कहानी खत्म होने के कुछ देर बाद या अगले दिन उससे पूछें कि उसे कहानी में सबसे अच्छा क्या लगा। ऐसा करने से आप उसके दिमाग को उस कहानी को दोबारा याद करने की एक्सरसाइज करवा रहे हैं। यह याददाश्त बढ़ाने का सबसे बेहतरीन और मज़ेदार तरीका है।
2. रंगों का खेल, जो दिमाग खोले
बच्चों को रंग बहुत पसंद होते हैं। इस पसंद को उनकी दिमागी कसरत में बदलिए। बच्चे के साथ बैठें और उसे अलग-अलग रंगों की पहचान कराएं। फिर इसे एक खेल बना दें। उससे कहें, "चलो, मुझे घर में से 5 लाल रंग की चीजें ढूंढकर लाओ" या "पार्क में तुम्हें कितने हरे रंग के झूले दिखे?" जब आप उससे किसी रंग का नाम लेकर उसे ढूंढने को कहते हैं, तो उसका दिमाग उस रंग की तस्वीर और उसके नाम, दोनों को एक साथ याद रखने की कोशिश करता है।
3. "बताओ, क्या गायब है?"
यह एक क्लासिक मेमोरी गेम है जो आज भी उतना ही असरदार है। बच्चे के सामने उसकी 4-5 पसंदीदा चीजें (जैसे खिलौने, पेंसिल, कटोरी) रखिए। उसे कुछ सेकंड तक ध्यान से देखने के लिए कहिए। फिर उसे आँखें बंद करने को कहिए और बीच में से कोई एक चीज हटा दीजिए। अब उससे पूछिए कि कौन सी चीज गायब है। शुरू में आसान चीजें रखें और धीरे-धीरे चीजों की संख्या बढ़ाते जाएं। यह खेल बच्चे के दिमाग को फोकस करने और देखी हुई चीजों की तस्वीर को याद रखने के लिए मजबूर करता है, जिससे उसकी विजुअल मेमोरी बहुत तेज होती है।
इन कामों के लिए आपको अलग से समय निकालने की भी ज़रूरत नहीं है। आप रात को सोते समय, खाना खिलाते हुए या पार्क में खेलते हुए भी इन्हें आसानी से कर सकते हैं। याद रखिए, बच्चे का दिमाग एक गीली मिट्टी जैसा होता है, आप उसे जैसा आकार देंगे, वह वैसा ही बनेगा। आपका थोड़ा सा समय और प्यार, आपके बच्चे के भविष्य की सबसे मजबूत नींव बन सकता है।