बांग्लादेश में फिर मची खलबली, पुलिस हिरासत में अवामी लीग के बड़े नेता की मौत, कत्ल या कुछ और?

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News India Live, Digital Desk: पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक बार फिर एक ऐसी खबर आई है, जिसने वहां के माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। शेख हसीना के सत्ता छोड़कर जाने के बाद से ही वहां अवामी लीग के नेताओं के लिए हालात सामान्य नहीं रहे हैं। अब ताजा मामला सामने आया है सिराजगंज से, जहां अवामी लीग के एक सीनियर नेता प्रलय चाकी (Proloy Chaki) की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है।

जैसे ही यह खबर फैली, वहां की राजनीति में एक बार फिर आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। प्रलय चाकी केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि वह स्थानीय स्तर पर काफी रसूख रखते थे। वे शुवापुर यूनियन परिषद के पूर्व चेयरमैन और स्थानीय अवामी लीग के जनरल सेक्रेटरी थे।

आखिर हुआ क्या था?
बताया जा रहा है कि प्रलय चाकी को पुलिस ने महज दो दिन पहले ही एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला उस वक्त का था जब बांग्लादेश में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा हुई थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें कस्टडी में रखकर पूछताछ कर रही थी, लेकिन इसी बीच खबर आई कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हिरासत में मौत: इत्तफाक या साजिश?
सच तो ये है कि जब भी किसी बड़े नेता की इस तरह पुलिस हिरासत में मौत होती है, तो उसे महज एक 'कुदरती मौत' मानना सबके लिए मुश्किल होता है। प्रलय चाकी के समर्थकों और अवामी लीग के बचे हुए नेताओं का दबे स्वर में कहना है कि हिरासत में उनके साथ सख्ती बरती गई। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि उन्हें पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ थीं और मौत का कारण हार्ट अटैक या कोई दूसरी मेडिकल वजह हो सकती है।

अवामी लीग के लिए मुश्किल वक्त
ये घटना उस वक्त हुई है जब पूरी अवामी लीग बिखरी हुई है और उनके बड़े नेता या तो जेलों में हैं या देश छोड़कर जा चुके हैं। प्रलय चाकी की मौत ने उन सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं के मन में डर पैदा कर दिया है जो अभी भी बांग्लादेश में टिके हुए हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या बांग्लादेश में इस समय कानूनी प्रक्रिया सही दिशा में चल रही है? मानवाधिकार संगठन अक्सर हिरासत में होने वाली मौतों पर चिंता जताते रहे हैं। अब देखना ये होगा कि प्रलय चाकी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आता है और क्या इस घटना की कोई निष्पक्ष जांच होगी।

फिलहाल, सिराजगंज में भारी पुलिस बल तैनात है और इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।