इजरायल को पाकिस्तान की सीधी धमकी, ईरान युद्ध के बीच इस्लामाबाद के तीखे तेवर
News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब पाकिस्तान और इजरायल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पाकिस्तान ने इजरायल को एक बेहद सख्त और सीधी चेतावनी जारी की है, जिसमें उसने साफ कहा है कि उसे 'कतर' समझने की भूल न की जाए। पाकिस्तान सरकार से जुड़े एक रणनीतिक फोरम ने यह बयान तब जारी किया है, जब ईरान में पाकिस्तानी दूतावास के करीब हमले की खबरें सामने आईं। पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके राजनयिकों या नागरिकों को किसी भी तरह का नुकसान पहुँचाया गया, तो इसका अंजाम बेहद बुरा होगा।
दूतावास के पास धमाके और पाकिस्तान का आक्रोश
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के निकटवर्ती इलाकों में हवाई हमलों की सूचना मिली। हालांकि दूतावास के कर्मचारियों के सुरक्षित होने की खबर है, लेकिन पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता के लिए खतरा माना है। पाकिस्तान स्ट्रैटेजिक फोरम ने स्पष्ट लहजे में कहा, "इजरायल को यह याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान कतर नहीं है। हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।" पाकिस्तान का यह रुख उसकी परमाणु शक्ति संपन्न देश होने की धमक को भी दर्शाता है।
मध्यस्थता की आड़ में छिपी सैन्य चेतावनी?
एक तरफ जहाँ पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार अमेरिका और ईरान के बीच संदेशवाहक की भूमिका निभाने और शांति की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सेना और रणनीतिक संस्थानों की ओर से आ रहे ऐसे बयान दोहरी रणनीति की ओर इशारा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान खुद को मुस्लिम जगत के एक 'रक्षक' (Protector) के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि वह केवल मूकदर्शक बनकर तमाशा नहीं देखेगा, खासकर तब जब आंच उसके अपने हितों पर आए।
ईरान-अमेरिका युद्ध और पाकिस्तान की मुश्किल राह
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान के लिए भी धर्मसंकट पैदा कर दिया है। ईरान के साथ साझा सीमा और अमेरिका के साथ पुराने सैन्य रिश्तों के बीच संतुलन बनाना इस्लामाबाद के लिए बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान ने तुर्किये और मिस्र के साथ मिलकर शांति की अपील तो की है, लेकिन इजरायल को दी गई यह ताजा धमकी बताती है कि पर्दे के पीछे तनाव काफी गहरा है। सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तान के इस 'कतर' वाले बयान की जमकर चर्चा हो रही है, जिसे इजरायल के लिए अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी माना जा रहा है।