बिहार में नौकरियों की बहार मंगल पांडेय ने किया 33,000 पदों पर भर्ती का ऐलान, स्वास्थ्य विभाग में बदल जाएगी तस्वीर

Post

News India Live, Digital Desk : बिहार में अक्सर एक सवाल गूंजता रहता है "बाबू, वैकेंसी कब आएगी?" सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवा दिन-रात एक कर देते हैं, बस एक मौके के इंतज़ार में। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो आज की खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Mangal Pandey) ने पदभार संभालते ही एक बहुत बड़ी घोषणा कर दी है। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि बिहार के स्वास्थ्य विभाग (Health Department) में जल्द ही 33,000 खाली पदों को भरा जाएगा। जी हाँ, 33 हज़ार! यह कोई छोटा आंकड़ा नहीं है।

आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह भर्ती किसके लिए है और इससे बिहार को क्या फायदा होगा।

मंत्री जी का 'मिशन मोड'

जैसे ही मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उन्होंने अफसरों के साथ पहली बैठक में ही अपने इरादे साफ़ कर दिए। उनका कहना है कि बिहार के अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ बिल्डिंग काफी नहीं है, वहां मरीजों का इलाज करने के लिए डॉक्टर और स्टाफ भी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 4 महीने के अंदर इन 33,000 पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की जाए। यानी सरकार 'मिशन मोड' में काम करना चाहती है।

किन पदों पर होगी भर्ती? (Who can apply?)

अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, यह भर्ती किसी एक पोस्ट के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग लेवल के लिए होगी। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स: जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए।
  • नर्सिंग स्टाफ (ANM/GNM): जो अस्पतालों की रीढ़ होती हैं।
  • पैरामेडिकल स्टाफ: जैसे लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, ओटी असिस्टेंट आदि।
  • कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO): जो ग्रामीण इलाकों में सेवा देते हैं।

मतलब, चाहे आपने डॉक्टरी पढ़ी हो या नर्सिंग का डिप्लोमा किया हो, मौका सबके लिए है।

आम आदमी को क्या फायदा होगा?

आप सरकारी अस्पताल जाते होंगे, तो वहां भीड़ और डॉक्टरों की कमी अक्सर देखने को मिलती है। कई बार इलाज के लिए पटना या दिल्ली भागना पड़ता है।
इन 33,000 नए लोगों के आने से सबसे बड़ा फायदा बिहार के गरीब मरीजों को होगा।

  • गांवों के हेल्थ सेंटर पर ताले नहीं लटकेंगे।
  • डॉक्टर समय पर मिलेंगे।
  • इलाज के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
    मंगल पांडेय ने यह भी कहा है कि उनका फोकस सिर्फ़ नौकरी देने पर नहीं, बल्कि दवाइयों की मुफ्त उपलब्धता और सदर अस्पतालों को चकाचक करने पर भी है।

तैयारी में लग जाएं

दोस्तों, बिहार में भर्तियों का पिटारा खुल चुका है। अगर आप हेल्थ सेक्टर से जुड़े हैं और सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो अपने डॉक्यूमेंट्स तैयार रखिये और पढ़ाई तेज़ कर दीजिये। विज्ञापन कभी भी आ सकता है।

सरकार ने तो ऐलान कर दिया है, अब बारी आपकी है कि आप इस मौके को कैसे लपकते हैं।