OTT Ban 2026 : अश्लीलता पर सरकार का बड़ा एक्शन MoodX और Koyal सहित 5 OTT प्लेटफॉर्म्स बैन, गूगल-ऐप्पल को भी सख्त निर्देश

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News India Live, Digital Desk : डिजिटल दुनिया में परोसी जा रही अश्लीलता (Obscenity) के खिलाफ भारत सरकार ने एक बार फिर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने कड़ा कदम उठाते हुए 24 फरवरी 2026 को 5 प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, अभद्र और बिना किसी सामाजिक संदेश के आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने का गंभीर आरोप है।

बैन किए गए 5 OTT प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट

सरकार ने जिन ऐप्स और वेबसाइट्स पर ताला लगाया है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

MoodX / MoodXVIP

Koyal / Koyal Playpro

Digi Movieplex

Feel

Jugnu

नोट: सरकार ने न केवल इन ऐप्स को ब्लॉक किया है, बल्कि इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स) को भी बंद करने के निर्देश दिए हैं ताकि ये किसी अन्य माध्यम से प्रचार न कर सकें।

कार्रवाई का कारण: क्यों गिरी इन पर गाज?

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। इसके पीछे कई ठोस कारण और चेतावनी शामिल थीं:

वल्गर कंटेंट: इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी वेब सीरीज और फिल्में दिखाई जा रही थीं, जिनमें बिना किसी कहानी के लंबे समय तक यौन क्रियाएं और नग्नता (Nudity) दिखाई गई थी।

चेतावनी की अनदेखी: मंत्रालय ने सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में इन प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी जारी की थी, लेकिन इन्होंने सुधार के बजाय नए डोमेन बनाकर वही कंटेंट परोसना जारी रखा।

आईटी नियमों का उल्लंघन: ये ऐप्स 'IT (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021' का पालन नहीं कर रहे थे।

किस कानून के तहत हुई कार्रवाई?

सरकार ने यह बड़ा फैसला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 69A के तहत लिया है। यह धारा सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और शालीनता (Decency) बनाए रखने के लिए ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार देती है।

पिछले साल भी हुआ था बड़ा एक्शन

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने डिजिटल 'सफाई' की है।

जुलाई 2025 में भी केंद्र सरकार ने Ullu और ALTT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म्स को अश्लीलता के कारण ब्लॉक कर दिया था।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मनोरंजन के नाम पर 'सॉफ्ट पोर्न' या अश्लील कंटेंट चलाने वाले प्लेटफॉर्म्स को भारत में जगह नहीं मिलेगी।