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April 03 2026 01:19 am

कश्मीर में आसमानी आफत का तांडव उरी में भीषण भूस्खलन से रास्ता बंद, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में जलभराव

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News India Live, Digital Desk: धरती के स्वर्ग कश्मीर में मौसम ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार सुबह से ही घाटी के मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश और ऊंचे शिखरों पर भारी बर्फबारी ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। खराब मौसम के कारण न केवल तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित उरी (Uri) में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा ढहने से मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। घाटी की सड़कों पर फिसलन और जलभराव के चलते यातायात रेंगने को मजबूर है।

उरी में भूस्खलन: मलबे में फंसी गाड़ियां, राहत कार्य में जुटी टीमें उत्तरी कश्मीर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उरी इलाके में सोमवार को बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भारी बारिश के चलते पहाड़ की चट्टानें और मलबा अचानक मुख्य सड़क पर आ गिरा, जिससे ट्रैफिक को तुरंत रोकना पड़ा। इस घटना के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और कई मुसाफिर बीच रास्ते में फंस गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने फौरन बुलडोजर और बचाव टीमों को मौके पर भेजा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और गिरते पत्थरों के कारण मलबा हटाने का काम बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

10 अप्रैल तक नहीं मिलेगी राहत, मौसम विभाग ने जारी किया 'यलो अलर्ट' मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, घाटी में फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि:

आज शाम तक: हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहेगी।

31 मार्च: तेज हवाओं के साथ बारिश का एक और दौर आने की संभावना है।

3 से 4 अप्रैल: गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

अस्थिरता: 10 अप्रैल तक मौसम के इसी तरह डांवाडोल रहने की आशंका जताई गई है।

किसानों और यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन के खतरे के प्रति आगाह किया है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल रूम से संपर्क जरूर करें। वहीं, किसानों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है मौसम विभाग ने सलाह दी है कि 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच जब मौसम थोड़ा अनुकूल रहेगा, तब वे अपने खेती-बाड़ी के काम निपटा सकते हैं। फिलहाल, पूरी घाटी में ठंड का प्रकोप वापस लौट आया है और लोग गर्म कपड़ों में दुबकने को मजबूर हैं।