सिर्फ एक रत्न बदल सकता है आपकी किस्मत, जानें माणिक पहनने से पहले ये 5 जरूरी बातें
News India Live, Digital Desk: रत्न शास्त्र में माणिक को बहुत शक्तिशाली रत्न माना गया है. इसे 'माणिक्य' या अंग्रेजी में 'रूबी' भी कहते हैं. यह रत्न सूर्य ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है. जिस तरह सूर्य सभी ग्रहों का राजा है, उसी तरह माणिक को भी 'रत्नों का राजा' कहा जाता है. लेकिन यह जरूरी नहीं कि यह कीमती रत्न हर किसी के लिए फायदेमंद हो. इसे पहनने से पहले कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी है, वरना इसके अशुभ परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं.
आइए जानते हैं कि माणिक किसे पहनना चाहिए और इसे धारण करने की सही विधि क्या है.
किन लोगों के लिए माणिक है फायदेमंद?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माणिक रत्न मुख्य रूप से उन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा फायदेमंद होता है जिनकी कुंडली में सूर्य मज़बूत स्थिति में हो, लेकिन शुभ फल न दे पा रहा हो.
- राशि अनुसार: मुख्य रूप से सिंह राशि के जातकों के लिए माणिक उनका जीवन रत्न माना जाता है. इसके अलावा, मेष, वृश्चिक और धनु राशि के लोग भी ज्योतिषीय सलाह के बाद माणिक पहन सकते हैं.
- करियर के लिए: जो लोग सरकारी नौकरी में हैं, बड़े प्रशासनिक पदों पर हैं, या राजनीति से जुड़े हैं, उनके लिए माणिक पहनना बहुत लाभकारी होता है. यह आपको अपने क्षेत्र में नेतृत्व करने, मान-सम्मान और प्रसिद्धि दिलाने में मदद करता है.
- कम आत्मविश्वास: अगर आपमें आत्मविश्वास की कमी है, आप लोगों के सामने अपनी बात नहीं रख पाते या हमेशा एक अनजाना डर महसूस करते हैं, तो माणikya आपको अंदर से मज़बूती और साहस देता है.
माणिक पहनने के फायदे
- यह रत्न पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है.
- सरकारी कामों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
- स्वास्थ्य के लिहाज से यह दिल और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है.
- यह समाज में आपको मान-सम्मान और प्रसिद्धि दिलाता है.
- यह आपके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता (लीडरशिप क्वालिटी) को बढ़ाता है.
किन लोगों को माणिक नहीं पहनना चाहिए?
यह जानना भी बहुत जरूरी है कि हर कोई माणिक नहीं पहन सकता. वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों को आमतौर पर माणिक पहनने की सलाह नहीं दी जाती. साथ ही, जिनकी कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में हो, उन्हें यह रत्न भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए. हमेशा किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेकर ही कोई रत्न धारण करें.
कैसे धारण करें माणिक रत्न?
- धातु: माणिक को सोने या तांबे की अंगूठी में पहनना सबसे शुभ माना जाता है.
- वजन: रत्न का वजन कम से कम 3 से 6 रत्ती के बीच होना चाहिए.
- दिन और समय: इसे शुक्ल पक्ष के किसी भी रविवार को सुबह सूर्योदय के बाद पहनना चाहिए.
- उंगली: माणिक को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (Ring Finger) में धारण किया जाता है.
- धारण विधि: पहनने से पहले अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध के मिश्रण में डुबोकर शुद्ध करें. इसके बाद सूर्य देव के मंत्र "ॐ घृणिः सूर्याय नमः" का 108 बार जाप करें और फिर इसे अपनी उंगली में पहन लें.
याद रखें, कोई भी रत्न सिर्फ एक पत्थर नहीं होता, उसमें ग्रहों की ऊर्जा समाहित होती है. इसलिए इसे पूरी श्रद्धा और सही विधि के साथ ही पहनना चाहिए.