महिलाओं के लिए रदान है ओमेगा-3 फैटी एसिड, पुरुषों से ज्यादा क्यों है इसकी जरूरत? एक्सपर्ट्स ने बताई वजह
News India Live, Digital Desk: आधुनिक जीवनशैली और असंतुलित खानपान के बीच शरीर को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। जब बात पोषक तत्वों की आती है, तो 'ओमेगा-3 फैटी एसिड' का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। वैसे तो यह हर उम्र और लिंग के व्यक्ति के लिए जरूरी है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को इसकी अधिक आवश्यकता होती है। शरीर के विकास से लेकर हार्मोनल संतुलन तक, ओमेगा-3 महिलाओं के जीवन के हर पड़ाव पर एक रक्षक की तरह काम करता है। आइए जानते हैं कि आखिर महिलाओं के लिए यह इतना अनिवार्य क्यों है और इसकी कमी से क्या नुकसान हो सकते हैं।
पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से दिलाता है राहत
ज्यादातर महिलाओं को हर महीने मासिक धर्म (Periods) के दौरान असहनीय दर्द और ऐंठन का सामना करना पड़ता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गर्भाशय में होने वाली सूजन को कम करते हैं। शोध बताते हैं कि जो महिलाएं नियमित रूप से ओमेगा-3 का सेवन करती हैं, उन्हें पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं में काफी हद तक राहत मिलती है। यह दर्द निवारक दवाओं पर निर्भरता को कम करने में भी मददगार साबित होता है।
हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य
महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव अक्सर तनाव, चिंता और मूड स्विंग्स का कारण बनते हैं। ओमेगा-3 दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के साथ-साथ 'हैप्पी हार्मोन' के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के दौरान होने वाली हॉट फ्लैशेस और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने में भी यह फैटी एसिड रामबाण की तरह काम करता है। इसके अलावा, यह प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे के दिमागी विकास के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है।
दिल की सेहत और हड्डियों की मजबूती
महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) का खतरा बढ़ जाता है। ओमेगा-3 हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे जोड़ों का दर्द और फ्रैक्चर का रिस्क कम होता है। साथ ही, यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा टल जाता है। यह त्वचा की चमक और बालों की मजबूती बनाए रखने में भी सहायक है।
किन चीजों से करें ओमेगा-3 की कमी को पूरा?
शरीर खुद से ओमेगा-3 का निर्माण नहीं कर सकता, इसलिए इसे आहार के जरिए लेना पड़ता है। शाकाहारी महिलाएं अपनी डाइट में अलसी के बीज (Flax seeds), चिया सीड्स, अखरोट, सोयाबीन और कद्दू के बीज शामिल कर सकती हैं। वहीं, मांसाहारी विकल्पों में फैटी फिश जैसे साल्मन और टूना इसके बेहतरीन स्रोत हैं। यदि आप डाइट से इसकी पूर्ति नहीं कर पा रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ओमेगा-3 सप्लीमेंट या फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन भी किया जा सकता है।