Ola Uber की मनमानी अब नहीं चलेगी आ रहा है Bharat Taxi जानिए 1 जनवरी से क्या बदलेगा?
News India Live, Digital Desk : हम सब कभी न कभी इस स्थिति से गुजरे हैं: ऑफिस के लिए लेट हो रहे हैं, कैब बुक करने की कोशिश की, और स्क्रीन पर किराया देखकर होश उड़ गए। 200 रुपये की राइड के 600 रुपये? इसे 'सर्ज प्राइसिंग' कहते हैं, और हम मजबूरी में इसे चुकाते भी हैं।
दूसरी परेशानी ड्राइवर का राइड कैंसल करना। "भैया, ड्रॉप कहाँ का है?" यह सवाल सुनते ही धड़कन बढ़ जाती है कि कहीं मना न कर दे।
लेकिन अब अच्छी खबर यह है कि मार्केट में एक नया ऐप दस्तक देने जा रहा है, जिसका मकसद ही इन परेशानियों को खत्म करना है। नाम है भारत टैक्सी (Bharat Taxi)।
अगर आप भी टैक्सी की रार-चिकचिक से तंग आ चुके हैं, तो आने वाली 1 तारीख आपके लिए राहत लेकर आ रही है।
1 जनवरी 2026 से दिल्ली में शुरुआत
खबरों के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 को भारत टैक्सी ऐप आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जा रहा है। इसकी शुरुआत देश की राजधानी नई दिल्ली से होगी। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उतारा जा रहा है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो जल्द ही यह ऐप देश के बाकी शहरों में भी ओला-ऊबर को टक्कर देता नज़र आएगा।
यह ऐप बाकी से अलग क्यों है? (Game Changer Features)
यह ऐप सिर्फ़ एक और बुकिंग ऐप नहीं है, बल्कि इसके काम करने का तरीका बाकियों से बहुत अलग है।
1. न के बराबर कमीशन (Zero/Low Commission)
ओला और ऊबर ड्राइवर की कमाई का मोटा हिस्सा (करीब 25-30%) खुद रख लेते हैं। इसीलिए ड्राइवर्स छोटी दूरी की राइड कैंसल कर देते हैं क्योंकि उन्हें कुछ खास बचता नहीं है।
'भारत टैक्सी' में कमीशन न के बराबर होगा। यानी आपकी दी हुई पेमेंट सीधी ड्राइवर की जेब में। जब ड्राइवर की कमाई ज्यादा होगी, तो वह आपकी राइड खुशी-खुशी स्वीकार करेगा।
2. सर्ज प्राइसिंग की टेंशन खत्म
सबसे बड़ा डर— 'पीक आवर्स'। बारिश हो या ऑफिस छूटने का टाइम, प्राइवेट ऐप्स किराया दोगुना-तिगुना कर देते हैं। लेकिन 'भारत टैक्सी' में सरकारी दरों के हिसाब से ही किराया तय होगा। मतलब, चाहे दिन हो या रात, आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
3. सरकारी और सहकारिता का भरोसा
इस ऐप को सहकार टैक्सी (NCCF जैसी सहकारी समितियों के सहयोग से) द्वारा ऑपरेट किया जाएगा। इसमें सरकार का सपोर्ट होने का मतलब है कि सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन होगा। किसी भी गड़बड़ी पर सुनवाई जल्दी होगी।
ड्राइवर्स भी हैं खुश
रिपोर्ट्स बताती हैं कि लॉन्च से पहले ही हजारों ड्राइवर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। ड्राइवर यूनियन भी इसका समर्थन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें एक 'मालिक' की तरह काम करने का मौका मिल रहा है, न कि कंपनी के नियमों में बंधे कर्मचारी की तरह।
आपके लिए मेरी राय
देखिए, कंपटीशन होना हम ग्राहकों (Customers) के लिए हमेशा फायदेमंद होता है। जब मार्किट में ओला-ऊबर के अलावा कोई तीसरा मजबूत विकल्प होगा, तो सभी अपनी सर्विस सुधारने पर मजबूर होंगे।
तो इस नए साल पर, अपने फोन में थोड़ी जगह बना लीजिये। 1 जनवरी को 'Bharat Taxi' डाउनलोड करके एक ट्रायल जरूर लीजियेगा। क्या पता, आपकी रोज की टैक्सी वाली माथापच्ची हमेशा के लिए खत्म हो जाए!