Odisha self-immolation case : जांच में छात्र के उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई
News India Live, Digital Desk: Odisha self-immolation case : बालासोर के फकीर मोहन विश्वविद्यालय में हाल ही में सामने आए छात्रा के आत्मदाह की कोशिश के मामले में ओडिशा की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा बयान जारी किया है। जांच टीम ने इस बात की पुष्टि की है कि छात्रा और अन्य छात्रों द्वारा हॉस्टल वार्डन तथा एक छात्र नेता पर लगाए गए ‘उत्पीड़न’ (जो मूलतः दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े थे) के आरोप निराधार साबित हुए हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में बताया है कि शुरुआत में छात्रों ने शिकायत की थी कि हॉस्टल वार्डन द्वारा हॉस्टल फीस, पढ़ाई और अनुशासन से जुड़े मुद्दों पर उन्हें परेशान किया जा रहा था। इस मामले की गहराई से पड़ताल की गई, जिसमें तमाम सबूतों और गवाहों के बयानों को परखा गया। जांच दल ने पाया कि वे शिकायतें या तो बाद में वापस ले ली गई थीं या जिन छात्रों ने शिकायत की थी, वे अपनी बात से मुकर गए थे। इस आत्मदाह की कोशिश करने वाली छात्रा का मूल बयान भी सामने आया है, जिसमें उसने किसी भी तरह के उत्पीड़न का जिक्र नहीं किया था, बल्कि उसने केवल यह बताया था कि वह अपनी परीक्षाओं में असफल हो गई थी।
ऐसे में, क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच में इस मामले में किसी भी आरोपी – चाहे वह हॉस्टल वार्डन हो या छात्र नेता – के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं पाया है। उन पर लगे सभी आरोप अप्रमाणित सिद्ध हुए हैं। फिलहाल, आत्मदाह की कोशिश करने वाली छात्रा का इलाज अभी भी चल रहा है, और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।