अब यूपी के एक्सप्रेसवे पर सफर होगा और भी शानदार, हर थोड़ी दूर पर मिलेगा 'E-way Hub' với सस्ते खाने से लेकर EV चार्जिंग तक की सुविधा
अगर आप उत्तर प्रदेश के शानदार एक्सप्रेसवे पर अक्सर सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार अब सिर्फ नई सड़कें ही नहीं बना रही, बल्कि आपके सफर को आरामदायक और मजेदार बनाने की भी पूरी तैयारी कर चुकी है। अब प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे पर आपको ऐसी सुविधाएं मिलने वाली हैं, जिससे आपका लंबा सफर भी आसान हो जाएगा।
क्या है यह नई सुविधा 'E-way Hub'?
अब तक एक्सप्रेसवे पर हमें पेट्रोल पंप, कुछ फूड कोर्ट और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं ही मिलती थीं। लेकिन अब इन सबको एक साथ एक ही जगह पर 'ईवे हब' (E-way Hub) के नाम से तैयार किया जा रहा है। इस हब में आपको ये सारी चीजें मिलेंगी:
- सस्ते रेस्टोरेंट: सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब महंगे फूड कोर्ट के साथ-साथ आपको कम बजट में अच्छा खाना-पीना मुहैया कराने वाले रेस्टोरेंट भी मिलेंगे।
- पेट्रोल पंप: आपकी गाड़ी का फ्यूल कभी खत्म नहीं होगा।
- EV चार्जिंग स्टेशन: अगर आप इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाते हैं, तो चार्जिंग की कोई टेंशन नहीं होगी।
- अन्य सुविधाएं: साफ-सुथरे टॉयलेट और आराम करने की जगह भी मिलेगी।
इसका मकसद साफ है - सफर के दौरान आपको खाने-पीने या गाड़ी की चिंता करने की जरूरत न पड़े और आप अपनी यात्रा का पूरा आनंद उठा सकें।
कहां-कहां बनेंगे ये 'E-way Hub'?
पहले यह योजना सिर्फ बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए थी, लेकिन अब सरकार ने इसका दायरा बढ़ा दिया है। अब यूपी के लगभग सभी बड़े एक्सप्रेसवे और उनको जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे पर यह सुविधा दी जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
- गंगा एक्सप्रेसवे
इलेक्ट्रिक गाड़ियों वालों की होगी मौज
सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने पर भी है। प्रदेश में अभी 26 ईवी चार्जिंग स्टेशन पहले से ही बना दिए गए हैं। अब इन 'ईवे हब' के बनने से यह नेटवर्क और भी मजबूत हो जाएगा, जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ी से लंबा सफर करना बेहद आसान हो जाएगा।
ये सभी हब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाए जाएंगे। यानी इसे बनाने और चलाने में सरकार और निजी कंपनियां मिलकर काम करेंगी। पहले चरण में बुंदेलखंऔर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 12 ऐसी जगहों की पहचान की गई है, जहां ये हब तैयार किए जाएंगे।