अब साहूकार का चक्कर छोड़ो! खेती के लिए सरकार दे रही है सबसे सस्ता लोन, जानें A to Z पूरी प्रक्रिया

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नई दिल्ली: देश का पेट भरने वाला अन्नदाता किसान अपनी मेहनत से बंजर जमीन में भी सोना उगा देता है, लेकिन अक्सर बीज, खाद या नई तकनीक खरीदने के लिए उसे पैसों की तंगी का सामना करना पड़ता है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर गांवों में बैठे साहूकार किसानों को अपने ऊंचे ब्याज के जाल में फंसा लेते हैं। लेकिन अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकारी योजनाओं और बैंकों की मदद से अब खेती के लिए लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा सस्ता और आसान हो गया है। आइए जानते हैं कि आप साहूकारों से बचकर कैसे आसानी से सरकारी लोन ले सकते हैं।

हर जरूरत के लिए अलग-अलग लोन
बैंक अब किसानों की हर छोटी-बड़ी जरूरत को समझते हैं। इसीलिए अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग तरह के लोन उपलब्ध हैं।

  • फसल लोन: यह सबसे आम लोन है, जो फसल बोने, बीज, खाद, कीटनाशक खरीदने और कटाई तक के खर्चों के लिए दिया जाता है।
  • मशीनरी लोन: अगर आप ट्रैक्टर, थ्रेशर, ट्यूबवेल या कोई और कृषि उपकरण खरीदना चाहते हैं, तो इसके लिए आप मीडियम-टर्म लोन ले सकते हैं, जिसे चुकाने के लिए 3 से 7 साल तक का समय मिलता है।
  • एग्रो-प्रोसेसिंग लोन: यदि आप खेती से जुड़ा कोई छोटा कारोबार जैसे दूध की डेयरी, मुर्गी पालन या अनाज की मिल लगाना चाहते हैं, तो बैंक उसके लिए भी लोन मुहैया कराते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): सबसे बड़ा हथियार
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आज खेती-किसानी के लिए सबसे लोकप्रिय और फायदेमंद योजना है। यह किसानों का सबसे बड़ा सहारा है।

  • कम ब्याज: KCC पर सरकार भारी सब्सिडी देती है, जिससे किसानों को मात्र 4% की सालाना ब्याज दर पर लोन मिल जाता है।
  • आसान प्रक्रिया: एक बार कार्ड बन जाने के बाद, आपको बार-बार कागजी कार्रवाई के झंझट से मुक्ति मिल जाती है। आप एटीएम से भी अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल सकते हैं।
  • समय पर भुगतान का इनाम: जो किसान समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं, उन्हें ब्याज में अतिरिक्त छूट भी मिलती है।

लोन के लिए कौन से कागज हैं जरूरी?
बैंक से लोन लेने के लिए आवेदन से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें ताकि प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड।
  • पते का सबूत: राशन कार्ड, बिजली का बिल या पानी का बिल।
  • जमीन के कागज: खेत की खतौनी, जमाबंदी और खेत का नक्शा।
  • फसल का ब्यौरा: पटवारी या कृषि अधिकारी द्वारा जारी किया गया फसल का प्रमाण-पत्र।
  • इसके साथ ही 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट और पासपोर्ट साइज फोटो भी जरूरी है।

कैसे करें आवेदन? जानें स्टेप-बाय-स्टेप
आवेदन की प्रक्रिया अब बेहद सरल हो गई है। आप अपने नजदीकी किसी भी सरकारी बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) या ग्रामीण बैंक में जाकर कृषि लोन या KCC का फॉर्म भर सकते हैं। अपने सभी दस्तावेज जमा करें। बैंक का अधिकारी आपके खेत और दस्तावेजों का सत्यापन कर सकता है। आपकी जमीन और फसल की लागत के आधार पर लोन की सीमा तय की जाएगी और मंजूरी मिलते ही पैसा सीधे आपके खाते में आ जाएगा। अब तो कई बैंकों के ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

सरकारी योजनाओं से मिलेगा डबल फायदा
सरकार किसानों की मदद के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर आप अपने लोन का बोझ और भी कम कर सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), ब्याज छूट योजना (MISS) और सोलर पंप के लिए PM KUSUM जैसी स्कीम्स का लाभ जरूर उठाएं। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सरकार लोन चुकाने की अवधि बढ़ाने और ब्याज माफी जैसी राहत भी देती है।

तीन सुनहरी सलाहें

  1. साहूकारों के 24% से 36% तक के जानलेवा ब्याज से हमेशा दूर रहें।
  2. कृषि लोन का पैसा केवल खेती से जुड़े कामों में ही लगाएं, व्यक्तिगत खर्चों में नहीं।
  3. हमेशा अपनी किश्त समय पर चुकाएं, इससे आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा बना रहेगा और भविष्य में बड़ा लोन आसानी से मिल जाएगा।

सही जानकारी और थोड़ी सी जागरूकता से आज का किसान साहूकारों के चंगुल से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकता है।