Northeast Floods : मणिपुर में बाढ़ का क़हर ,अस्पताल में घुसा पानी, मरीज़ों को नावों से निकाला गया
News India Live, Digital Desk: पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश अब मैदानी इलाकों में आफत बनकर टूट रही है। मणिपुर की राजधानी इंफाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसका सबसे भयावह मंज़र राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक, जेएनआईएमएस (जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान) में देखने को मिला।
अस्पताल बना तालाब, मरीज़ों की ज़िंदगी दांव पर
कल्पना कीजिए, एक मरीज़ जो पहले से ही बीमार है, उसके बिस्तर के नीचे घुटनों तक पानी भर जाए तो क्या होगा? जेएनआईएमएस में कुछ ऐसा ही हुआ। मंगलवार की रात अचानक इंफाल नदी का पानी उफान पर आ गया और अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में पूरी तरह से घुस गया। हालात इतने बिगड़ गए कि मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक वॉर्ड किसी तालाब की तरह नज़र आने लगे।
अस्पताल में फंसे सैकड़ों मरीज़ों और उनके तीमारदारों की जान बचाने के लिए फौरन राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। डॉक्टरों और बचाव दल की टीमों ने नावों और पानी में चलकर मरीज़ों को एक-एक करके ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षित पहुंचाया। इस मुश्किल ऑपरेशन की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं, जहां बीमार लोगों को स्ट्रेचर पर लिटाकर पानी के बीच से निकाला जा रहा है।
हज़ारों घर डूबे, सड़कों पर चल रही हैं नावें
यह तबाही सिर्फ अस्पताल तक ही सीमित नहीं है। इंफाल घाटी के कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है, जिससे हज़ारों घर डूब गए हैं। लोगों को अपना कीमती सामान और घर-बार छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ रहा है। कई इलाकों में सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं, और लोग आने-जाने के लिए नावों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।
क्यों आई ये अचानक बाढ़?
इस अचानक आई बाढ़ की मुख्य वजह ऊपरी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश को बताया जा रहा है। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर ख़तरनाक तरीक़े से बढ़ गया और वे अपने तटबंध तोड़कर शहरों और गाँवों में घुस गईं। प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और राहत कार्य तेज़ी से चलाए जा रहे हैं।
मणिपुर के लोग इस दोहरी मार को झेल रहे हैं। एक तरफ वे पहले से ही जातीय हिंसा की आग में झुलस रहे थे, और अब इस कुदरती आफत ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस मुश्किल घड़ी में, पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनकी सलामती की दुआ कर रहा है।